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Varanasi News: लाइसेंस शुल्क और करों में बढ़ोतरी से तीन गुना बढ़ जाएगी आय

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नगर निगम की कार्यकारिणी और सदन से संशोधित कर और लाइसेंस शुल्क पास हो गया है। ऐसे में यह संशोधन लागू हुआ तो तकरीबन ढाई से तीन गुना लाइसेंस फीस में बढ़ोतरी होगी। अभी नगर निगम को तमाम कर और लाइसेंस शुल्क से 1.30 से 1.40 करोड़ रुपये की आय होती है। लाइसेंस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी नए सिरे से शुल्क का निर्धारण करने में लग गए हैं।
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नगर निगम की ओर से सिनेमा कर प्रति वर्ष लिया जाता है। इसे प्रति शो और प्रतिदिन के हिसाब से करने से आय में बढ़ोतरी होगी। इसी प्रकार पार्क और खाली जमीनों का इस्तेमाल करने वालों से अब तक एक रुपया नहीं मिलता है। इनसे अगर पैसा लिया जाए तो निगम का खजाना भरेगा। शराब और बीयर की दुकानों से लाइसेंस शुल्क काफी कम लिया जाता है। इसे कम से तीन गुना करने से निगम की आय में काफी फायदा होगा। इसके लिए आबकारी विभाग से सूची लेकर नगर निगम में दर्ज सूची से मिलान किया जाएगा। चूंकि हर साल शराब की दुकानों का लाइसेंंस दिया जाता है। इस नाते इन दुकानों से हर साल वसूली की जाएगी। ऐसा नहीं करने वालों की दुकानें सील तक किया जाएगा। होटल, लाज, धर्मशालों की संख्या काफी कम है। इनसे लिया जाने वाला शुल्क भी सामान्य है। यदि कर बढ़ाया गया तो इसका फायदा नगर निगम को मिलेगा। इसके लिए सभी इलाकों की जांच की जाएगी। इसके बाद शुल्क बढ़ाकर वसूला जाएगा। स्कूल, कॉलेज बसों से लाइसेंस शुल्क को दोगुना किया जा रहा है। इसी प्रकार नर्सिंग होम, अस्पतालों से लाइसेंस शुल्क बढ़ाकर लिया जाएगा। ई रिक्शों से लाइसेंस शुल्क लिया जाएगा। पांचों जोन में नगर निगम की 2176 दुकानें हैं। जिनका किराया 10 से 30 रुपये प्रतिमाह है। इनसे बाजार दर पर किराया वसूला जाए



अभी 12 हजार रुपये साल अब 36 हजार लेने की तैयारी

अभी नगर निगम में 450 दुकानें शराब की दर्ज हैं। इनके अलावा 200 बीयर की दुकानें हैं। देशी शराब की दुकानोंं से अभी 12 हजार रुपये साल लिया जाता है। विदेशी शराब की दुकानों से 24 हजार और बीयर शॉप से 12 हजार रुपये लिया जाता है। इसे तीन गुना करने से निगम की आय में काफी बढ़ोतरी होगी।
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136 प्रकार के ज्वलनशील पदार्थ बेचने वाले दुकानों से कर लेने की तैयारी

शहर में पांच से छह प्रकार के ज्वलनशील दुकानों से लाइसेंस शुल्क लिया जाता है। जबकि ज्वलनशील की श्रेणी में कुल 136 पदार्थ आते हैं। इस प्रकार यदि इन दुकानों को चिह्नित कर इनसे कर लिया जाएगा तो काफी कर प्राप्त होगा। इसके लिए नए सिरे से सर्वे होगा। इसके आधार पर इनसे कर लिया जाएगा।

सदन और कार्यकारिणी से पास लाइसेंस और कर में बढ़ोतरी से निगम की काफी आय होगी। इसके लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है। पहले इसे मेयर और नगर आयुक्त के सामने रखा जाएगा। इसके बाद उनकी अनुमति से ही इसे लागू किया जाएगा। -अनुपम त्रिपाठी, कर निर्धारण अधिकारी
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