मैरिज और बैंक्वेट लॉन के आयकर सर्वे में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। लॉन संचालक तीन से पांच लाख रुपये में बुकिंग करते थे, लेकिन कागज में एक से सवा लाख तक ही दिखाते।
आयकर अधिकारी भी कर चोरी के इस हथकंडे से हतप्रभ है। हालांकि दस करोड़ की अघोषित आय संचालकों ने स्वीकार ली है, लेकिन यह राशि और बढ़ सकती है। जिले में करीब 500 मैरिज और बैंक्वेट लॉन हैं। इसमें कुछ तो 25 से 30 हजार रुपये में, लेकिन जो बड़े हैं उनकी बुकिंग एक लाख से लेकर पांच लाख तक में होती है।
ज्यादातर संचालक लोगों से बुकिंग का पैसा कैश में लेते हैं, ताकि इसे छिपाने में आसानी रहे। बुधवार को आयकर जांच में यह भी सामने आया कि पांच लाख की बुकिंग पर कोई एक तो कोई सवा लाख रुपये दिखाता था। प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया कि कई संचालक ने दो लाख से लेकर 40 लाख तक का भुगतान बिजली, पानी, कैटर्स आदि को दिखाया है, जिसे आयकर विभाग ने सही नहीं माना है।
इस बाबत अपर आयकर आयुक्त अभय ठाकुर का कहना है कि संचालकों ने दस करोड़ की अघोषित आय स्वीकारी है। अभी कंप्यूटर में दर्ज रिकार्डों, कागजातों की जांच चल ही रही है। कर चोरी और बढ़ने की संभावना है।