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वाराणसी : आयकर सर्वे में पकड़ी गई 10 करोड़ की कर चोरी, मैरिज लॉन बड़ी चालाकी से करते थे गोलमाल

Thu, 04 Jul 2019 07:34 PM IST
Sayali Maurya न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में मैरिज लॉन और बैंक्विट हाल संचालकों से आयकर विभाग ने 10 करोड़ रुपये की कर चोरी पकड़ी है। सर्वे के दौरान जब्त कंप्यूटर हार्ड डिस्क समेत अन्य रिकॉर्डों की जांच जारी है। विभागीय सूत्रों की मानें तो जांच पूरी होने के बाद करीब 20 करोड़ से अधिक की कर चोरी सामने आ सकती है।

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 प्रधान आयकर आयुक्त सुनील माथुर के निर्देशन में आयकर अधिकारियों की टीम ने मंगलवार को एक साथ वाराणसी जिले के 12 बड़े मैरिज और बैंक्विट लॉन पर सर्वे की कार्रवाई शुरू की थी। करीब 80 अधिकारियों-कर्मचारियों ने इस दौरान जांच की तो कई चौकाने वाले खुलासे सामने आए।

बुधवार को मैरिज संचालकों को आयकर कार्यालय बुलाया गया था और पूछताछ की गई। इसमें करीब पांच ऐसे मैरिज लॉन संचालक मिले, जिन्होंने अपनी आय को शून्य से लेकर केवल एक लाख तक ही कागज पर दिखाया है। संचालकों ने आयकर अधिकारियों के सामने करीब दस करोड़ रुपये की अघोषित आय को स्वीकार लिया है। 

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बुकिंग का लेते थे पांच लाख, दिखाते थे एक लाख 

मैरिज और बैंक्वेट लॉन के आयकर सर्वे में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। लॉन संचालक तीन से पांच लाख रुपये में बुकिंग करते थे, लेकिन कागज में एक से सवा लाख तक ही दिखाते। 

आयकर अधिकारी भी कर चोरी के इस हथकंडे से हतप्रभ है। हालांकि दस करोड़ की अघोषित आय संचालकों ने स्वीकार ली है, लेकिन यह राशि और बढ़ सकती है। जिले में करीब 500 मैरिज और बैंक्वेट लॉन हैं। इसमें कुछ तो 25 से 30 हजार रुपये में, लेकिन जो बड़े हैं उनकी बुकिंग एक लाख से लेकर पांच लाख तक में होती है।

ज्यादातर संचालक लोगों से बुकिंग का पैसा कैश में लेते हैं, ताकि इसे छिपाने में आसानी रहे। बुधवार को आयकर जांच में यह भी सामने आया कि पांच लाख की बुकिंग पर कोई एक तो कोई सवा लाख रुपये दिखाता था। प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया कि कई संचालक ने दो लाख से लेकर 40 लाख तक का भुगतान बिजली, पानी, कैटर्स आदि को दिखाया है, जिसे आयकर विभाग ने सही नहीं माना है।
 
इस बाबत अपर आयकर आयुक्त अभय ठाकुर का कहना है कि संचालकों ने दस करोड़ की अघोषित आय स्वीकारी है। अभी कंप्यूटर में दर्ज रिकार्डों, कागजातों की जांच चल ही रही है। कर चोरी और बढ़ने की संभावना है।
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