मनरेगा के तहत काम करने वाली महिला श्रमिकों की आय अब दोगुनी होगी। साथ ही उन्हें नए हुनर भी सीखने को मिलेंगे और साक्षरता बढ़ेगी। इसके लिए शासन ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत मनरेगा की महिला श्रमिकों को स्वयं सहायता समूह से जोड़कर उन्हें सशक्त बनाने के निर्देश दिए हैं।एनआरएलएम की ओर से महिलाओं को समूह से जोड़ने के लिए नवंबर महीने से विशेष अभियान चलाया जाएगा। प्रभारी उपायुक्त एनआरएलएम व डीडीओ अशोक कुमार ने बताया कि शासन की इस पहल से न सिर्फ मनरेेगा की महिला श्रमिकों की आय बढ़ेगी बल्कि उनके जीवन शैली में भी सुधार होगा। स्वयं सहायता समूह से जुड़ने पर उन्हें समूह की महिलाओं को मिलने वाले लाभ भी मिलेंगे। इसके अलावा समूह की महिलाओं के लिए लाई गई सभी योजनाओं का फायदा भी होगा।
एक नजर में
मनरेगा के तहत जॉबकार्ड होल्डर- 2,13,360
पुरुषों की संख्या - 1,27,521
महिलाओं की संख्या - 85,839
सक्रिय श्रमिकों की कुल संख्या - 1,42,280
पुरुषों की संख्या - 78,853
महिलाओं की संख्या - 63,427
प्रतिदिन मिलने वाली मजदूरी - 230 रुपये