व्यवहारिक दृष्टि से देखें तो समाज को एक सूत्र में जोड़ कर सामाजिक न्याय की धारणा का उदाहरण प्रस्तुत करती है। अघोरेश्वर बाबा कीनाराम के द्वारा जिस अघोर परंपरा को नया जीवन दिया गया, उसे अघोरेश्वर भगवान राम ने नई ऊंचाई देने का काम किया।
अघोर परंपरा ने समाज में हर प्रकार के भेदभाव को दूर करके समतामूलक समाज के निर्माण में अपना योगदान दिया है। सीएम ने कहा कि मातृशक्ति की कोई जाति नहीं होती। शिव और शक्ति का मिलन ही वास्तविक शक्ति है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने श्री सर्वेश्वरी समूह के बाबा संभव राम को धन्यवाद दिया और कहा कि उनको इस पुण्य कार्य में समर्पित आश्रम में आने का सौभाग्य मिला। इससे पहले मुख्यमंत्री का स्वागत शंखनाद से किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत श्री सर्वेश्वरी समूह विद्यालय की बच्चियों ने मुख्यमंत्री को पुष्प गुच्छ और रामायण की प्रति भेंटकर करके की। मुख्यमंत्री ने युवा दिवस पर स्वामी विवेकानंद को याद किया है। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, विधायक सुशील सिंह, डॉ. अवधेश नारायण सिंह, विधान परिषद सदस्य बृजेश सिंह प्रिंसु आदि मौजूद रहे।