वाराणसी। यूपी-उत्तराखंड में झमाझम मानसूनी बारिश के बाद सोमवार को गंगा के जलस्तर में तेज गति से बढ़ाव शुरू हो गया। भोर से शुरू हुआ जलस्तर में वृद्धि का क्रम देर रात तक जारी रहा।
देर शाम केंद्रीय जल आयोग ने जलस्तर में 92 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की। जल आयोग के अभियंताओं का कहना है कि अगर पहाड़ी क्षेत्रों में वर्षा का क्रम जारी रहा तो सहायक नदियों से भी जल्द ही गंगा में पानी आने लगेगा।
उत्तराखंड में हुई बारिश के बाद यूपी के अलग-अलग इलाकों में पिछले दो दिन तक हुई बारिश का असर अब गंगा पर भी दिखने लगा है। काशी में गंगा के जल स्तर में भोर में ही बढ़ाव शुरू हो गया।
करीब तीन सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से जलस्तर में वृद्धि होने से शाम तक तीन फीट यानी 91.44 सेंटीमीटर पानी बढ़ गया। रविवार को जहां जलस्तर 58.77 मीटर था, वहीं सोमवार को 59.69 मीटर हो गया। जलस्तर में वृद्धि के चलते गंगा किनारे सीढ़ियों पर हो रही नावों की मरम्मत का काम प्रभावित हो गया है।
हालांकि अभी यह बढ़ाव सामान्य स्तर से भी नीचे है लेकिन मल्लाह नावों के लंगर बांधने में जुट गए हैं। फिलहाल इस बढ़ाव से अभी किसी नुकसान की चिंता नहीं है। केंद्रीय जल आयोग के वरिष्ठ अधिकारी अनुपम प्रसाद ने बताया कि पहाड़ी इलाकों में हुई बारिश की वजह से जलस्तर में बढ़ाव शुरू हुआ है लेकिन अभी किसी भी तरह की चिंता की बात नहीं है। गंगा अभी सामान्य जलस्तर 60 मीटर के नीचे बह रही है।