वाराणसी। पुलिस और आयकर विभाग की सख्ती के बावजूद पूर्वांचल में हवाला कारोबार की जड़ें और गहरी हो गई हैं। पैसे के अवैध लेन-देन का यह धंधा पूर्वांचल समेत देश के विभिन्न प्रांतों में ही नहीं बल्कि खाड़ी देशों तक फैला हुआ है। पूर्वांचल में हवाला के जरिये रोजाना होने वाली लेन-देन करोड़ों में है।
पहले इनकम टैक्स चोरी की रकम को एक-दूसरे जगह पहुंचाने के लिए हवाला कारोबारी आठ से दस फीसदी पर सौदा तय करते थे, लेकिन अब यह सौदेबाजी 50-50 फीसदी तक पहुंच गई है। पुलिस और आयकर का शिकंजा कसने के बाद हवाला कारोबारियों ने कई नए हथकंडे भी अपनाए हैं। विदेश से जहां पैसे का लेन-देन अपने अलग कोड वर्ड मैसेज के जरिए किया जा रहा है, वहीं देश के विभिन्न हिस्सों से हवाला के नोटों की खेप रॉ मैटेरियल (आटा, मैदा, लोहा, चीनी) के बोरों में छिपाकर लाई और पहुंचाई जा रही है।
कैंट क्षेत्र की विंध्यवासिनी नगर कॉलोनी में मंगलवार की देर रात छापेमारी के दौरान हवाला कारोबार से जुड़े तीन लोगों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस और एटीएस सहित अन्य जांच एजेंसियां अब इसकी तह तक पहुंचने की कोशिश में है। यह पता लगाया जा रहा है कि पूर्वांचल में कौन-कौन लोग इस नेटवर्क से जुड़े हैं।
पूछताछ में पुलिस और जांच एजेंसियों को पता चला है कि एयरपोर्ट पर बरती जा रही सख्ती के चलते हवाला कारोबारी अब जलमार्ग का भी सहारा ले रहे हैं। पूर्वांचल के आजमगढ़, वाराणसी, जौनपुर, मऊ, भदोही, गाजीपुर में भी हवाला नेटवर्क की जड़ें गहरी हैं।
जांच एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक पूर्वांचल के आजमगढ़, जौनपुर, गाजीपुर, भदोही तथा मऊ के तमाम लोग खाड़ी देशों में रहते हैं। हवाला कारोबारी वहां इन्हें अपना मोहरा बनाते हैं। ये कैरियर अपने आका के विश्वासपात्र होते हैं। वहां उन्हें दी जाने वाली विदेशी मुद्रा के बदले भारत में हवाला से जुड़े कारोबारी संबंधितों को इंडियन करेंसी मुहैया कराते हैं। पूर्वांचल समेत देश के विभिन्न प्रांतों में हवाला कारोबारियों का नेटवर्क इतना गहरा है कि उन तक पहुंचना पुलिस और जांच एजेंसियों के लिए भी एक बड़ी चुनौती बन गया है।