कानपुर के पुखरायां में हुए रेल हादसे में वाराणसी के मरने वालों की संख्या नौ हो गई है। सोमवार को सभी शव वाराणसी लाए गए। पिंडरा कायस्थान के संजय श्रीवास्तव और उनकी पत्नी की मौत के बाद लापता दोनों बेटियां भी मृत मिलीं तो वहीं निजी अस्पताल में भर्ती बेटे की भी रात में मौत हो गई। वहीं भैरवनाथ की चंवर गली के गुजराती परिवार के पिता-पुत्र भी हादसे के शिकार हो गए। अपनी भतीजी की शादी में आ रहीं दो बहनाें की भी रेल हादसे में मौत हो गई। वहीं कानपुर के निजी अस्पताल में भर्ती वाराणसी निवासी अमन द्विवेदी की शिनाख्त उनके परिवारीजनों ने की। अमन की हालत गंभीर बताई गई है।
शनिवार को इंदौर-पटना एक्सप्रेस से यात्रा कर रहे कई लोगों के लिए यह अंतिम सफर साबित हुआ। पिंडरा कायस्थान के संजय श्रीवास्तव और उनकी पत्नी प्रतिमा के शव की शिनाख्त रविवार की रात में ही संजय के साले ने कर दी थी। संजय की दो बेटियां सुहानी और (16) सुरभी (14) भी मृत पाई गईं। सोमवार को उनके शव वाराणसी लाए गए। बेटा अभय निजी अस्पताल में भर्ती था। उसकी भी मौत रात नौ बजे हो गई। पोस्टमार्टम के बाद मामा राजेश उसका शव लेकर वाराणसी आएंगे। राजेश ने बताया कि उसको 53 टांके लगे थे। उधर चंवर गली के बृजमोहन दास (80) और उनके इकलौते बेटे जगमोहन दास (46) भी हादसे के शिकार हो गए। वे इंदौर से वाराणसी आ रहे थे। एस-1 कोच में बृजमोहन की पत्नी लता बेन (75), बहू नीता (24) और लता की बड़ी बहन मालती (78) भी सफर कर रहीं थीं, जिन्हें गंभीर हालत में कानपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बृजमोहन और जगमोहन का शव मंडलीय अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस में रखवाया गया। उसके बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया। रश्मी शाह (45) और उनकी बहन अचला छारिया(48) की भी रेल हादसे में मौत हो गई। वह बी-2 कोच में सवार थीं। दोनों बहनों की शादी इंदौर में हुई है और वह अपने भाई राकेश नागर की बेटी की शादी में शिरकत करने वाराणसी आ रही थीं।