वाराणसी। कैंट रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं का विकास और ट्रेनों का संचालन सुचारु तरीके से हो सके इसके लिए इस स्टेशन को पूर्वोत्तर रेलवे में शामिल करने की कवायद तेज हो गई है। शनिवार को औड़िहार-वाराणसी रेल लाइन का निरीक्षण करते हुए वाराणसी सिटी स्टेशन पहुंचेे पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजीव मिश्र ने बताया कि उन्होंने कैंट रेलवे स्टेशन को पूर्वोत्तर जोन में शामिल करने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेज दिया है। सब कुछ ठीक रहा तो यह रेलवे स्टेशन पूर्वोत्तर रेलवे में शामिल हो जाएगा। फिलहाल कैंट रेलवे स्टेशन उत्तर रेलवे के अंतर्गत आता है।
कैंट रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं की बेहतर मॉनीटरिंग और ट्रेनों के कुशल परिचालन के दृष्टिकोण से जानकार इसे पूर्वोत्तर रेलवे में शामिल करने की जरूरत वर्षों से बता रहे हैं। इसके लिए वर्षों से मांग होती रही है। अब इसका रास्ता साफ होते दिख रहा है। कैंट रेलवे स्टेशन पर पूर्वोत्तर रेलवे के तीन और उत्तर रेलवे के छह प्लेटफार्म हैं। उत्तर रेलवे का मंडल कार्यालय लखनऊ और मुख्यालय नई दिल्ली में है। छोटी बैठक या सुविधाओं और व्यवस्था
के निरीक्षण के लिए अधिकारियों को लगभग 6 घंटे का सफर तय कर लखनऊ से वाराणसी आना होता है। वहीं बड़े कार्य के लिए नई दिल्ली से अधिकारी यहां आते हैं। अगर यह रेलवे स्टेशन पूर्वोत्तर रेलवे में शामिल हो जाएगा तो एनईआर (नॉर्थ इस्टर्न रेलवे) के वाराणसी में मौजूद मंडल कार्यालय व उसके अधिकारियों की निगरानी में रहेगा। बुनियादी सुविधाओं की गुणवत्ता भी बढ़ेगी। इसके अलावा ट्रेनों के
परिचालन में भी आसानी होगी। वहीं मुख्यालय गोरखपुर भी नई दिल्ली की तुलना में करीब हो जाएगा। अब जब प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र बनने के बाद वाराणसी स्टेशन को वर्ल्ड क्लास स्टेशन बनाने की कवायद तेज हो गई है। ऐसे में रेलवे बोर्ड वाराणसी के मुख्य रेलवे स्टेशन को पूर्वोत्तर रेलवे में शामिल करने की अनुमति दे सकता है।