वाराणसी। गायत्री शक्तिपीठ नगवां में समूह साधना के तहत चल रहे चार दिवसीय 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ में बुधवार को लोगों ने देश में सुख, समृद्धि और प्राकृतिक आपदाओं से रक्षा का संकल्प लिया।
इस दौरान शांतिकुं ज हरिद्वार से आए लोगों ने प्रज्ञा संगीत के माध्यम से प्रज्ञा योग की कला के बारे में बताया।
बुधवार सुबह छह बजे समूह साधना, प्रज्ञा योग का कार्यक्रम शुरू हुआ। इसमें राजेंद्र तिवारी, भगवान सिंह यादव ने संस्कारशाला में 38 लोगों को दीक्षा संस्कार, 15 को जनेऊ संस्कार, 8 महिलाओं को पुसवन संस्कार कराया।
इस दौरान नरेंद्र विद्यार्थी, दिव्यांश मौर्या ने 24कुंडों में अग्नि प्रज्जवलित कर गायत्री महायज्ञ, महामृंत्युंजय महामंत्र से आहूति दी। आचार्यों ने कहा कि जहां एक तरफ गंगा मैली होती जा रही है वहीं गाय का अनादर और गीता के प्रति लोगों की आस्था घटती जा रही है। हमें इन सबकी रक्षा का संकल्प लेना होगा। कार्यक्रम में रमन श्रीवास्तव, डॉ. विंध्यांचल सिंह, गोरखनाथ राय, काशीनाथ तिवारी सहित कई लोग मौजूद रहे।