वाराणसी। निर्माण कार्य में देरी से परियोजनाओं की लागत बढ़ने से खफा मंडलायुक्त आरएम श्रीवास्तव ने बुधवार को सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक को चेतावनी दी और उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा। अपने कार्यालय में समीक्षा के दौरान कमिश्नर ने पाया कि मंडुवाडीह में आरओबी निर्माण के लिए 3.58 करोड़ खर्च होने के बाद भी अब तक मात्र 12 फीसदी काम हुआ है।
सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक को चेताया कि इसी रफ्तार से काम हुआ तो निर्धारित समयसीमा में काम पूरा नहीं हो पाएगा और परियोजना की लागत भी बढ़ जाएगी।
कमिश्नर ने कहा कि निर्माण में लापरवाही के चलते कई निर्माणाधीन पुलों की लागत पहले ही बढ़ चुकी है। इसलिए बहुत जरूरी है कि स्वीकृत परियोजनाओं का निर्माण कार्य तय समयसीमा में पूरा कराया जाए। इससे परियोजना की लागत नहीं बढ़ेगी और आम जन को भी सुविधा होगी।
कमिश्नर ने बताया कि सामनेघाट पुल दिसंबर 2014 में ही बनकर तैयार हो जाना था लेकिन अब तक निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। इसके चलते पूर्व निर्धारित 38.93 करोड़ के बजाय पुनरीक्षित लागत 67.17 करोड़ हो गई है और इसमें भी 66.13 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं।
सरायमोहाना स्थित बसंत महिला महाविद्यालय मार्ग पर पुल निर्माण के लिए 2.43 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे। इसकी पुनरीक्षित लागत 5.15 करोड़ हो गई है। इस काम को जनवरी 2015 में पूरा करना था लेकिन अब तक मात्र 40 प्रतिशत काम हुआ है। कमिश्नर ने धानापुर-चहनिया मार्ग के गंगा नदी पर बलुआ घाट पुल और रामनगर पुल को जून, 2015 तक पूरा कराने का अल्टीमेटम दिया।