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काशी में कोहराम

Tue, 06 Oct 2015 02:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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पिछले दिनों गणेश प्रतिमा विसर्जन के विवाद के दौरान संतों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में सोमवार को काशी में कोहराम मच गया। टाउनहाल से दशाश्वमेध के लिए निकली अन्याय प्रतिकार यात्रा में साधु-संतों की अगुवाई में उमड़े जनसैलाब ने प्रशासन के सारे इंतजाम ध्वस्त कर दिए।
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पदयात्रा अभी बांसफाटक पहुंची ही थी कि गोदौलिया चौराहे पर अफवाह के बाद भगदड़ मची और फिर देखते ही देखते पथराव, आगजनी और हवाई फायरिंग से हालात बेकाबू हो गए। गुस्साई भीड़ ने पथराव करते हुए पुलिस बूथ को आग के हवाले कर दिया।
 25 से अधिक बाइक और पुलिस की तीन जीपें और फायर ब्रिगेड की दो गाडि़यों को भी फूंक दी। आमने-सामने के टकराव में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, लाठियां चलाईं, हवाई फायरिंग की। पथराव और भगदड़ में कई पुलिसकर्मियों, संतों और पत्रकारों को चोटें आई हैं।
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 पुलिस ने कई छायाकारों के कैमरे तक तोड़ दिए। उपद्रवियों ने अमर उजाला के दो फोटो जर्नलिस्ट जावेद अली और रामजी श्रीवास्तव की बाइक भी आग के हवाले कर दी। बेकाबू हालात के मद्देनजर प्रशासन ने शहर के चार थाना क्षेत्रों कोतवाली, चौक, लक्सा और दशाश्वमेध में दो घंटे तक कर्फ्यू लगा दिया।
 बड़ी तादाद में फोर्स के साथ उच्चाधिकारी आधी रात तक मौके पर डटे रहे। पुलिस ने 29 उपद्रवियों को हिरासत में लिया है जबकि उपद्रव में दो थानेदार, 14 पुलिसकर्मी और तीन पत्रकार समेत 22 लोग जख्मी हुए हैं। घायलों में से एक गोलगड्डा निवासी राजगीर मिस्त्री सूर्यप्रकाश बिंद ने कमर पर गोली लगने का दावा किया मगर डाक्टरों ने सामान्य जख्म बताया है।
लाठीचार्ज के विरोध में साधु-संतों के आह्वान पर यह अन्याय प्रतिकार यात्रा निकाली गई थी। टाउनहाल से शुरू होकर दशाश्वमेध घाट तक जाने वाली इस यात्रा में हजारों की संख्या में लोगों के सड़क पर उतरने से दोपहर बाद शहर के हालात अचानक बेकाबू हो गए।
 हर-हर महादेव के जयघोष के बीच यात्रा चौक से होते हुए बांसफाटक पहुंची तभी गोदौलिया चौराहे पर पुलिस के लोगों के रोकने की अफवाह से भगदड़ मची और फिर पथराव और आगजनी ने हिंसक झड़प का रूप ले लिया। कभी भीड़ पुलिस को दौड़ाती नजर आई तो कभी पुलिस हजारों की भीड़ को।
शाम पौने सात बजे तक जब हालात काबू में नहीं आए तो प्रशासन ने चार थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू की घोषणा कर दी। लौटती भीड़ ने पुलिस को निशाना बनाया तो पुलिस ने भी जो जहां मिला उसे जमकर पीटा। हालात के मद्देनजर फोर्स के साथ कमिश्नर, आईजी, डीएम, एसएसपी सहित सभी उच्चाधिकारी रात तक मौके पर डटे रहे।
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