IMS BHU: स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से दी गई इस धनराशि से आईएमएस में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं को और अपडेट किया जाएगा। नेफ्रोलॉजी, रेडियो डायग्नोसिस, यूरोलॉजी, आर्थोपेडिक्स, गैस्ट्रोलॉजी सहित अन्य विभागों में मशीनें दी जाएंगी।
Varanasi News:: आईएमएस बीएचयू में एम्स जैसी सुविधा के लिए जांच की मशीनों के खरीद के लिए 100 करोड़ रुपये की पहली किश्त दिए जाने के बाद खरीद के फैसले पर अमल शुरू हो गया है। एक साथ आईएमएस के कई विभागों में हाईटेक मशीनों के आने से मरीजों को जांच में सहूलियत होगी।
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खास बात यह है कि 50 लाख रुपये तक की मशीनें आईएमएस के स्तर से खरीदी जाएंगी जबकि इससे ऊपर की मशीनों को स्वास्थ्य मंत्रालय ही खरीदकर यहां भेजेगा। दिल्ली में बैठक के बाद स्थानीय स्तर पर विभागवार कागजी कार्यवाही शुरू हो गई है।
दिल्ली में पिछले महीने स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी की मीटिंग में 100 करोड़ रुपये दिए जाने पर फैसला हुआ था। इसमें नेफ्रोलॉजी, रेडियो डायग्नोसिस, यूरोलॉजी, आर्थोपेडिक्स, गैस्ट्रोलॉजी सहित अन्य विभागों में जांच की मशीनें मंगाई जानी है। आईएमएस प्रशासन की ओर से इसके लिए प्रस्ताव तो पहले ही भेजा जा चुका था, अब उस पर मुहर लगने के बाद बाकी औपचारिकताएं पूरी करवाई जा रही हैं।
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ये मशीनें खरीदी जाएंगी
वीडियो यूरोडायनमिक - यूरोलॉजी विभाग में आने वाली इस मशीन के माध्यम से पेशाब की थैली के अंदर प्रेशर बनने की जानकारी मिलेगी।
इबस - नेफ्रोलॉजी विभाग में इबस मशीन को खरीदा जाएगा। इस मशीन से सांस की नली के अंदर से अल्ट्रासाउंड किया जा सकेगा। इससे फेफड़े में कैंसर होने की संभावना की भी जानकारी मिलेगी।
मेमोग्राफी - इस मशीन से स्तन कैंसर से जुड़ी जानकारी मिलेगी।
लीनियर एक्सीलेटर - कैंसर के मरीजों की रेडियोथेरेपी की जा सकेगी।
फीटल इको - इस मशीन के माध्यम से अल्ट्रासाउंड किया जा सकेगा। इससे गर्भावस्था के दौरान भ्रूण के दिल में होने वाली किसी तरह की समस्या की जानकारी मिलेगी।
विभागवार जो प्रस्ताव स्वीकृत हुए हैं, उनके अनुसार आगे की कागजी प्रक्रिया चल रही है। अन्य जगहों के एम्स की तरह 50 लाख से अधिक कीमत वाली मशीन को स्वास्थ्य मंत्रालय ही खरीदकर देगा। एक साथ कई मशीनें आएंगी। - प्रो. एसएन संखवार, निदेशक, आईएमएस बीएचयू