एक जगह सुरक्षित रहेगा रिकॉर्ड, डॉक्टर भी देख सकेंगे
एचआईएमएस प्रणाली के लागू होने के साथ ही पीएसीएस यानी पिक्चर आर्काइविंग एंड कम्युनिकेशन सिस्टम को भी जोड़ा गया है। इससे दोनों जगहों पर रेडियोलॉजी से जुड़ी जांच का सुरक्षित संग्रहण और त्वरित उपलब्धता होगी। ट्रॉमा सेंटर की तरह ही मोबाइल पर रिपोर्ट भी मिलेगी। रिपोर्ट को डॉक्टर भी अपने कंप्यूटर पर देख सकेंगे।
इसके अतिरिक्त, प्रणाली में मरीज शिकायत निवारण पोर्टल को भी शामिल किया गया है, जिसके माध्यम से मरीज एवं उनके परिजन अपनी शिकायतें दर्ज कर सकेंगे और उनकी स्थिति की निगरानी कर सकेंगे। दंत चिकित्सा संकाय के प्रमुख प्रो. एचसी बरनवाल का कहना है कि एचआईएमएस प्रणाली के समावेशन से मरीजों को बेहतर, समन्वित एवं समयबद्ध उपचार मिलेगा।