निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने कहा कि विभागीय स्तर पर शुरू हुआ यह सहयोग अब संस्थागत स्तर तक पहुंचा है, जिससे कई विषयों में एक साथ रिसर्च और अंतरराष्ट्रीय सहयोग भी होंगे। स्पार्क जियांट इंटरनेशनल वर्कशॉप ऑन पेवमेंट स्कैनिंग टेक्नोलॉजी के दौरान कार्यक्रम हुआ।
जर्मनी से आए प्रो. पाहिरंगन शिवापाथम के साथ बर्गिशे यूनिवर्सिटी वुपर्टाल के 11 विद्यार्थियों का दल भी उपस्थित रहा। कार्यशाला में सड़क और पेवमेंट की आधुनिक जांच तकनीकों पर व्यावहारिक और तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया। इसमें ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (जीपीआर) और ट्रैफिक स्पीड डिफ्लेक्टोमीटर (टीएसडी) जैसी हाईटेक तकनीक से काम किया जा रहा है।