आईआईटी बीएचयू में चुंबकीय स्टोरेज डिवाइस और सेंसर के इस्तेमाल और शोध पर दो दिन की इंडो–इटली संयुक्त कार्यशाला हुई। मंगलवार को देव और वर्धना गोस्वामी व्याख्यान संकुल में भारत और इटली के वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और विद्यार्थियों ने नेक्स्ट-जनरेशन मेमोरी, चुंबकीय सामग्रियों, उन्नत सेंसर तकनीक, डेटा स्टोरेज, कंप्यूटिंग, स्वास्थ्य सेवाओं और नवीकरणीय ऊर्जा में हो रहे अत्याधुनिक विकास पर बातें की।
संस्थान के स्कूल ऑफ मटेरियल्स साइंस एंड टेक्नोलॉजी (एसएमएसटी) की ओर से कराए जा रहे इस कार्यक्रम में एसएमएसटी के संयोजक प्रो. चंदन उपाध्याय ने बताया कि भारत और इटली के बीच तालमेल से चुंबकीय सामग्री, नेक्स्ट-जनरेशन मेमोरी डिवाइस और हाईटेक सेंसर तकनीक के इस्तेमाल पर बेहतर काम किया जा सकता है। भारत इन क्षेत्रों में इटली के साथ संयुक्त शोध करे सकेगा। प्रो. निलय कृष्ण मुखोपाध्याय ने कहा कि यह कार्यशाला चुंबकीय प्रौद्योगिकियों में हालिया प्रगति को समझना है। हम स्पिन्ट्रॉनिक्स में किए गए अग्रणी योगदान पर वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त कर चुके हैं।
चुंबकीय नैनो स्ट्रक्चर का इस्तेमाल
इटली से आए तीन विशेषज्ञों में से डॉ. मीकेला क्यूपफरलिंग ने बताया कि नेक्स्ट-जनरेशन सेंसर तकनीक में चुंबकीय नैनोस्ट्रक्चर का इस्तेमाल बढ़ गया है। डॉ. ए. मैग्नी ने एडवांस मेमोरी आर्किटेक्चर को तैयार करने की बात कही। डॉ. विटोरियो बासो ने मैग्नेटो-मैकेनिकल सिस्टम्स के अत्याधुनिक विकास और उनके औद्योगिक उपयोग के बारे में बताया। इस दौरान प्रो. मुखोपाध्याय ने इटली के वक्ताओं का सम्मान किया। कार्यशाला के संयोजक डॉ. श्रवण कुमार मिश्रा ने उभरते तकनीकी क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग की बात कही। डॉ. मिश्रा ने संस्थान में वैज्ञानिक और तकनीकी उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए निदेशक प्रो. अमित पात्रा का आभार व्यक्त किया।