नए विचार और कोशिश मिले तो मंजिल मिल ही जाती है। इसी सोच के साथ करीब डेढ़ साल पहले आईआईटी बीएचयू के छात्रों ने ‘यंग स्किल्ड इंडिया’ स्टार्ट अप की शुरुआत की थी। मकसद था कि युवाओं वो मंच मिले, जहां से उन्हें रोजगार हासिल हो सके।
मुहिम बढ़ी, कोशिश रंग लाई। उनकी काबिलियत को सरकार ने पहचान दे दी है। उन पर ‘स्टार्ट अप’ की मुहर लग गई है जो कि उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि है। ऐसे ही एक दूसरे स्टार्ट अप ‘शुरूआर्ट’ की यूएस एंबेसी कद्रदान बनी। युवा कलाकारों की पेंटिंग्स की ऑनलाइन मार्केटिंग और ब्रांडिंग कर रहे इस स्टार्ट अप के लिए बड़ी कामयाबी है।
युवाओं को रोजगार से जोड़कर देश को सशक्त बनाने की ओर आईआईटी बीएचयू का स्टार्ट अप ‘यंग स्किल्ड इंडिया’ लगा हुआ है। डेढ़ साल में अब तक तीन हजार युवाओं को रोजगार से जोड़ा जा चुका है।
उनकी इन कोशिशों और काबिलियत पर भारत सरकार की ओर से उन्हें स्टार्ट अप इंडिया का सर्टिफिकेट मिला है। आईआईटी बीएचयू के अभिषेक गजराज, संपत राज और आईएमएम कोलकाता के नीरज श्रीवास्तव ने इसे शुरू किया।
आईआईटी बीएचयू के मालवीय नवप्रवर्तन संवर्धन केंद्र में उनकी ये कंपनी पंजीकृत है।
अभिषेक गजराज ने बताया कि अब हम अपने इस ऑनलाइन जॉब फेयर को पूर्वांचल की ओर बढ़ा रहे हैं। जौनपुर, चंदौली, भदोही, गाजीपुर, मिर्जापुर में इसे शुरू किया जाएगा। 25 मार्च से 10 अप्रैल के बीच हम वृहद स्तर पर आनलाइन जॉब फेयर करने जा रहे हैं।
बताया कि यंग स्किल्ड इंडिया एक प्लेटफार्म है, जहां युवा और जॉब प्रोवाइडर को हम एक मंच पर लाते हैं। कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को रोजगार से जोड़ा जा सके।