आईआईटी प्लेसमेंट के ऑफर और पैकेज घट गए हैं। अब स्टार्टअप और सॉफ्टवेयर कंपनियों का रुझान बढ़ गया है। प्लेसमेंट के चार दिन बाकी हैं। उधर, संस्थान का दावा है कि पहले फेज में एक हजार नौकरियां मिलेंगी।
आईआईटी बीएचयू में छात्रों के कैंपस प्लेसमेंट की दर धीमी हो गई हैं। रविवार यानी आठ दिनों में प्लेसमेंट का आंकड़ा एक हजार पार नहीं कर सका। तीन दिन पहले तक 881 छात्र-छात्राओं को नौकरी के ऑफर मिले थे। अब अधिकतम पैकेज का ग्राफ भी गिर गया है।
विज्ञापन
सूत्रों के मुताबिक अधिकतम पैकेज अब घटकर 35 से 40 लाख रुपये तक आ चुका है। वहीं, न्यूनतम पैकेज 20 लाख से भी नीचे आ गया है। हालांकि, संस्थान में ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल के कोआर्डिनेटर प्रो. सुशांत श्रीवास्तव का दावा है कि प्लेसमेंट काफी बेहतर चल रहा है। 900 से ज्यादा छात्रों को नौकरी मिल गई है। पहले फेज के प्लेसमेंट में एक हजार नौकरियां दिला दी जएंगी। आईआईटी बीएचयू प्लेसमेंट के मामले में देश में नंबर वन संस्थान होगा।
प्रो. सुशांत श्रीवास्तव के मुताबिक बीटेक-एमटेक और पीएचडी के 1506 छात्र-छात्राओं ने रजिस्ट्रेशन कराया था। लेकिन, पीएचडी के छात्र अपनी उच्च शिक्षा को जारी रखना चाहते हैं। वे थीसिस पूरा करने के बाद ही नौकरी करना चाहते हैं। इसलिए उन्हें इस गिनती में शामिल नहीं किया जाता। ऐसे में बीटेक, एमटेक और आईडीडी को मिलाकर कुल 1400 छात्र-छात्राओं का रजिस्ट्रेशन है। अब तक 910 से ज्यादा छात्र-छात्राओं का कैंपस प्लेसमेंट हो गया है। इस तरह से प्लेसमेंट के पहले फेज में हम 1000 ज्यादा छात्रों को नौकरी दिलाने में समर्थ होंगे। पिछले साल के रिकॉर्ड को तोड़ेंगे।
विज्ञापन
हाई फ्रिक्वेंसी ट्रेडिंग और डाटा एनालिटिक्स कंपनियों ने लगाया ड्राइव
प्रो. श्रीवास्तव ने बताया कि स्टार्टअप कंपनियों ने बड़े स्तर नौकरियां दीं। इस बार सॉफ्टवेयर, हाई फ्रिक्वेंसी ट्रेडिंग और डाटा एनालिटिक्स कंपनियों का रुझान कुछ ज्यादा दिख रहा है। उन्हें हाई पैकेज पर जॉब ऑफर किए हैं। छात्र-छात्राओं का झुकाव भी इन कंपनियों की तरफ ज्यादा है।