तीनों ने उसका प्राइवेट पार्ट छुआ और शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी दी। तीनों उसका मोबाइल नंबर लेकर उसे लगभग 15 मिनट तक अपने पास ही रखे रहे। इसके बाद बाइक स्टार्ट कर तीनों उसे छोड़ कर चले गए। तीनों के चंगुल से छूटने के बाद वह अपने हॉस्टल की ओर भागी थी। उधर, घटना के दो दिन बाद ही तीनों आरोपियों ने शहर छोड़ दिया था। आरोप है कि तीनों ने मध्य प्रदेश जाकर विधानसभा चुनाव का प्रचार किया था।
जिला जेल में बंद तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमे के विवेचक लंका थानाध्यक्ष ने अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है।- डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी, एसीपी भेलूपुर
फास्ट ट्रैक कोर्ट में ट्रायल का अनुरोध करेगी पुलिस
छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी में लेटलतीफी से कमिश्नरेट की पुलिस की कार्यशैली गंभीर सवालों के घेरे में थी। बाद में पुलिस ने तेजी दिखाई और गिरफ्तारी के 18 दिन बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी। अब पुलिस इस मुकदमे का ट्रायल फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने का अनुरोध जिला जज से करेगी। साथ ही, प्रभावी तरीके से पैरवी कर तीनों आरोपियों को कठोरतम सजा दिलाने का अनुरोध करेगी।
आईआईटी-बीएचयू की छात्रा की तहरीर पर लंका थाने की पुलिस ने पहले छेड़खानी और अन्य आरोपों में तीन अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। बाद में छात्रा ने विवेचक और मजिस्ट्रेट को बयान दिया कि उसे जबरन निर्वस्त्र कर उसका प्राइवेट पार्ट तीनों आरोपियों ने छुआ था। साथ ही उसे निर्वस्त्र कर बनाए गए वीडियो को आरोपियों ने सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर अपलोड करने की धमकी दी थी। इस आधार पर दर्ज मुकदमे में सामूहिक दुष्कर्म और इलेक्ट्रॉनिक साधनों से यौन उत्पीड़न की धारा बढ़ाई गई थी।
घटना से आईआईटी छात्रों में बढ़ी थी नाराजगी
छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के बाद उसके सहपाठी और जूनियर-सीनियर छात्र-छात्राओं में नाराजगी बढ़ी थी। सबने दो नवंबर से नौ नवंबर तक जबरदस्त प्रदर्शन किया था। सुरक्षा के तगड़े इंतजाम का आश्वासन मिलने के बाद आईआईटी के छात्र-छात्राओं ने अपना प्रदर्शन खत्म किया था।