डॉ. सुदीप मुखर्जी, डॉ. साम्या बैनर्जी
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आईआईटी बीएचयू के दो शोध समूहों ने मिलकर बैक्टीरिया से लड़ने की नई तकनीक विकसित की है। इसे लाइट-एक्टिव टेक्नोलॉजी का नाम दिया गया है जो कि हरी रोशनी के संपर्क में आने पर बैक्टीरिया को नष्ट करने में प्रभावी है। हरी रोशनी से सक्रिय होकर ये तकनीक बैक्टीरिया और बायोफिल्म को नष्ट करती है। यह रिसर्च नेचर पोर्टफोलियो जर्नल ‘कम्युनिकेशंस केमिस्ट्री’ में प्रकाशित किया गया है।
बैक्टीरिया से बनी बायोफिल्म संक्रमण के इलाज में बड़ी चुनौती होती है। यह एक तरह की सुरक्षात्मक परत होती है, जिसके भीतर बैक्टीरिया सुरक्षित रहते हैं और संक्रमण को लंबे समय तक बनाए रख सकते हैं।
रसायन विज्ञान विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. साम्या बनर्जी और स्कूल ऑफ बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के डॉ. सुदीप मुखर्जी के लैब में ये रिसर्च हुआ है। यहां बैक्टीरिया से संक्रमित घाव वाले चूहों पर अध्ययन किया गया। इलाज के 11वें दिन घाव करीब 99 फीसदी तक ठीक हो गए।
ओएस-1 को हरी रोशनी के साथ इस्तेमाल करने पर ई. कोलाई और बैसिलस सब्टिलिस की बायोफिल्म में करीब 85 फीसदी तक कमी आई। इस शोध का शीर्षक ‘ग्रीन-लाइट-एक्टिवेटेड ओस्मियम, मेटालोफोटो एंटीबायोटिक्स फॉर एंटीबैक्टीरियल थेरेपी एंड इन्फेक्टेड वाउंड हीलिंग’ है।