आईआईटी बीएचयू में 10वें अंतरराष्ट्रीय बायो प्रोसेसिंग इंडिया सम्मेलन में भारत में इलाज के अत्याधुनिक तरीकों पर संवाद हुआ। नवाचार-आधारित, बायोलॉजिक्स और अत्याधुनिक इलाज के तरीकों पर मंथन किया गया। स्कूल ऑफ बायो केमिकल इंजीनियरिंग में नियामक एजेंसियों, वैश्विक बायोफार्मा उद्योग, शैक्षणिक संस्थानों और स्टार्ट-अप्स के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भाग लिया और विकसित भारत 2047 की परिकल्पना के अनुरूप भारत के बायो मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को सशक्त बनाने पर विचार-विमर्श हुआ। कार्यक्रम में आईआईटी मद्रास, आईआईटी बॉम्बे, थर्ड आर्क बायो, अमेरिका सहित कई विदेशी संस्थानों के वैज्ञानिक भी पहुंचे। पैनलिस्टों ने कहा कि आज भारत की चुनौती क्षमता की नहीं, बल्कि जोखिम लेने की प्रवृत्ति है। मुख्य अतिथि, पद्मश्री डॉ. रजनी कांत ने जीआई उत्पाद और समुदाय-स्वामित्व वाले बौद्धिक संपदा अधिकारों की बढ़ती प्रासंगिकता पर बात की। ब्यूरो