खराब हो रहे दांतों के नीचे लगाते हैं फाइबर
बतौर डॉ. अखिलेश, इस 3डी नैनो फाइबर को खराब हो रहे दांतों के नीचे मसूड़ों में फिट किया जाता है। वैज्ञानिक भाषा में इस नैनो फाइबर को एंडोडॉन्टिक टिशू रिजनरेशन टूल के नाम से समझा जा सकता है। इसे लगाने से दांतों के बीच रुट कैनाल की साइज बढ़ी हुई दिखाई दी। दांतों के उतकों का विकास हुआ है। इसके बढ़ने से दांत ठीक से काम करने लगे। जल्दी गिरने वाले दांत मजबूत हो गये। जो दांत मरने की कगार पर था, वो काम करने लगे।
150-200 नैनो मीटर का है फाइबर
नैनो फाइबर की साइज 150-200 नैनो मीटर के बीच में ही हो सकती है। वहीं, इसे जिस 3डी प्रिंटर से प्रिंट करते हैं, वो 15 सेमी लंबा और 30 सेमी चौड़ा होता है।
डेली रुटीन चेकअप से मिलेगी छुट्टी
नैनो फाइबर लगाने के बाद मरीजों को रोजाना या साप्ताहिक रुटीन चेकअप नहीं कराना पड़ता। एक बार लगा लिया तो फिर छह महीने और एक साल बाद ही रुटीन चेकअप कराया जा सकता है। दांतों को ढंग से क्लीन करके ही नैनो फाइबर लगाया जाता है।