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IIT BHU का 14वां दीक्षांत: इस बार बढ़ेंगे 20 फीसदी उपाधिधारक, परिधान और ठहरने के लिए देने होंगे 1850 रुपये

Mon, 22 Sep 2025 06:57 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

आईआईटी बीएचयू का 14वां दीक्षांत समारोह 16 अक्तूबर को स्वतंत्रता भवन सभागार में होगा। इसे लेकर 15 को रिहर्सल होगा। वहीं इस बार 2400 से ज्यादा उपाधियां बांटी जा सकती हैं। कुल 4500 लोगों के आने का अनुमान लगाया जा रहा है। 
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IIT BHU - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आईआईटी बीएचयू में 16 अक्तूबर से होने वाले 14वें दीक्षांत समारोह में पिछली बार के मुकाबले 20 फीसदी ज्यादा उपाधियां दी जाएंगी। 2024 में कुल 1954 डिग्रियां दी गईं थीं लेकिन इस बार यह संख्या 2400 से ज्यादा भी हो सकती है। 15 अक्तूबर को दीक्षांत रिहर्सल किया जाएगा। उपाधि धारकों को इस बार दीक्षांत परिधान और हॉस्टल में ठहरने के लिए कुल 1850 रुपये चुकाने होंगे।

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इस दीक्षांत के लिए 2024-25 सत्र के उत्तीर्ण बीटेक, एमटेक, आईडीडी और बीआर्क के उपाधि धारक विद्यार्थियों और मेडलिस्टों की सूची लगभग बन चुकी है, वहीं पीएचडी उपाधि धारकों की सूची तैयार की जा रही है। इसमें दो से चार दिन का समय लग सकता है। आईआईटी बीएचयू की ओर से इस बार दीक्षांत समारोह में 4500 लोगों के आने का अनुमान लगाया गया है। इसमें उपाधिधारक, मेडलिस्ट के साथ ही उनके परिजन, मेहमान, प्रोफेसर, कर्मचारी और अन्य लोग शामिल किए गए हैं।

हॉस्टल और परिधान के अलग-अलग चार्ज
दीक्षांत परिधान के लिए छात्र-छात्राओं को 1500 रुपये देने होंगे। वहीं, संस्थान के हॉस्टल में ठहरने के लिए 350 रुपये ऑनलाइन जमा करने होंगे। इसका लिंक विद्यार्थियों को मेल और वेबसाइट के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। दीक्षांत परिधान में छात्रों के लिए धोती-कुर्ता या कुर्ता-पैजामा के साथ सदरी और उत्तरीय होगा। लड़कियों के लिए कमीज-सलवार और सदरी या साड़ी-ब्लाउज के साथ उत्तरीय है।
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वैज्ञानिक और केंद्रीय मंत्री होंगे अतिथि
आईआईटी बीएचयू के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शिक्षा मंत्रालय के केंद्रीय राज्यमंत्री सुकांत मजूमदार और इसरो के अध्यक्ष डॉ. वी. नारायणन विशिष्ट अतिथि होंगे। मजूमदार उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में अपनी दूरदृष्टि और नवाचारोन्मुखी दृष्टिकोण के लिए विख्यात हैं। युवाओं से जुड़े हैं। वहीं, डॉ. वी. नारायणन को भारतीय क्रायोजेनिक इंजीनियर और रॉकेट वैज्ञानिक कहा जाता है। वह इसरो अध्यक्ष के साथ ही अंतरिक्ष विभाग के सचिव भी हैं।
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