आईजीआरएस : 14 बार की शिकायत, सुनवाई नहीं
पांडेयपुर निवासी संदीप कुमार श्रीवास्तव का आरोप है कि उन्होंने कंधरापुर आजमगढ़ निवासी एक व्यक्ति से जमीन का सौदा आठ लाख रुपये में किया। सौदा तय हुआ। बाद में आरोपी ने जमीन का रेट बढ़ने से बेचने पर इन्कार कर दिया। संदीप ने पैसा मांगा तो देने से मना कर दिया। लालपुर पांडेयपुर थाने पर समझौते में आरोपी ने पैसे लौटने की बात कही। दो चेक दिये जो बाउंस हो गए। इसके बाद आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई।
आरोपी ने पीड़ित के खिलाफ आजमगढ़ कंधरापुर थाने में प्राथमिकी दर्ज करा दी। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने आरोपी से मिलीभगत कर केवल मौखिक बयान पर प्राथमिकी दर्ज कर ली। जिस प्राथमिकी में पीड़ित के भाई का नाम नहीं था उसे भी जेल भेज दिया जो 45 दिनों तक अंदर रहा। पीड़ित ने 14 बार आईजीआरएस पर शिकायत दर्ज कराई। जिसमें पैसे की लेनदेन का मामला पुलिस ने बताया। थाना प्रभारी ने अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मामले में कार्रवाई की गई, बाकि मामला आजमगढ़ से जुड़ा है। वहां की पुलिस इस पर काम कर रही है।
लोहता थाना : रुपये लौटाने से किया इन्कार
जमीन बैनामा के मामले में फुलवरिया निवासी राधिका देवी व उनके पति ने एक महिला के खाते में छह लाख रुपये दिये। महिला ने तीसरे व्यक्ति को पूरा पैसा न देकर दो लाख रख लिए। पीड़ित पक्ष ने लोहता थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी महिला को बुलाया और पैसे लौटने को कहा। महिला ने इनकार कर दिया। पीड़ित ने महिला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज के लिए तहरीर दी। 45 दिन बीत जाने के बाद कभी इस अधिकारी के यहां भेजा जा रहा तो कभी दूसरे अधिकारी के यहां। थाना प्रभारी दिगंबर उपाध्याय ने बताया कि ऐसे मामलों में अधिकारियों को पत्र भेजा जाता है। उनकी संस्तुति पर कार्रवाई होती है।
कमांड सेंटर : पीडि़त का आरोप, पुलिस बोली बैग ढूंढने की जगह नहीं
पड़ाव निवासी महिला दुर्गा शर्मा भिखारीपुर से लंका के लिए ऑटो पर बैठी। लंका पर उतरने के दौरान उसका बैग ऑटो में छूट गया। बैग में कपड़े थे और कुछ दस्तावेज। पीड़िता ने लंका थाने में तहरीर दी। पुलिस उसे सिटी कमांड कंट्रोल से बैग चेक कराने को लिए भेजा। पीड़िता पति नीरज शर्मा के साथ पहुंची। यहां पहुंचने पर पुलिसकर्मियों ने बताया कि बैग ढूंढने के लिए त्रिनेत्र भवन नहीं है। आप सीधे डीसीपी से आदेश लेकर आइए। वहीं, इस मामले में थाना प्रभारी ने राजकुमार ने बताया कि शिकायत दर्ज करने के बाद पीडि़त को सेंटर भेजा गया था। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच वहीं से होती है। शिकायत पर समाधान की बात कही गई है।