वाराणसी का संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय।
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संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में दाखिला लेने की तैयारी में लगे विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर है। अगर किसी छात्र ने इंटरमीडिएट में संस्कृत विषय की पढ़ाई नहीं की है तो भी वह विश्वविद्यालय में शास्त्री पाठयक्रम में दाखिला ले सकेगा। इसके पहले संस्कृत विषय की अनिवार्यता थी, जिसको शिथिल करते हुए नए सिरे से प्रवेश की गाइडलाइन तैयार की गई है। इसके आधार पर ही फैसला होगा।
संस्कृत विश्वविद्यालय में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों के लिए अब तक प्रवेश के लिए आवेदन की जो व्यवस्था थी, उसके तहत संबंधित विद्यार्थी को इंटर में संस्कृत की पढ़ाई करनी जरूरी थी। इस कारण ऐसे विद्यार्थी जिन्होंने संस्कृत की पढ़ाई इंटर में नहीं की थी, वो दाखिला लेने से चूक जाते थे। इसको देखते हुए विश्वविद्यालय में एक अप्रैल को संकायाध्यक्षों की बैठक में इस नियम को शिथिल करने का प्रस्ताव लाया गया।
इसके लिए प्रो. रामकिशोर त्रिपाठी की अध्यक्षता में छह सदस्यीय समिति गठित की गई। जिसने अपनी रिपोर्ट कुलपति को दे दी है। इस बारे में कुलपति प्रो.बिहारी लाल शर्मा ने बताया कि इस फैसले से विश्वविद्यालय में छात्र संख्या बढ़ेगी और अधिक से अधिक छात्र विश्वविद्यालय में दाखिला ले सकेंगे। इस बारे में विस्तृत रिपोर्ट वेबसाइट पर अपलोड करवा दी गई है।