परीक्षा से वंचित किए जाने से नाराज बीएचयू के महिला महाविद्यालय की छात्राओं ने जमकर हंगामा किया और पूरे विश्वविद्यालय की नींद हराम कर दी। वाक या गुरुवार का है। आखिरकार नौ घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन के आगे विवि प्रशासन को झुकना पड़ा। हालांकि विवि प्रशासन ने शर्त के साथ परीक्षा में शामिल होने की रात 1.20 बजे घोषणा की। इसके बाद छात्राओं का धरना समाप्त हुआ।
सुबह विश्वविद्यालय प्रशासन ने तो बीए द्वितीय वर्ष की 13 छात्राओं को परीक्षा देने से रोका था मगर उनके समर्थन में हास्टल की छात्राएं भी आ गईं। फिर क्या था, शाम पांच बजे से शुरू धरना-प्रदर्शन रात 1.20 बजे तक जारी रहा। इस दौरान एक छात्रा अर्चना की तबीयत खराब होने पर उसे बीएचयू अस्पताल में भर्ती कराया गया। उधर, इस अप्रिय स्थिति से निबटने के लिए वीसी लाज पर देर बैठक हुई। बैठक में कुलपति ने विवि के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मंत्रणा करने के बाद छात्र-छात्राओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए बीच का रास्ता खोजा।
अटेंडेंस पूरा कराने के लिए स्पेशल क्लास चलाने का निर्णय हुआ। जिन छात्रों की अटेंडेंस कम हैं उन्हें 10 से 12 मई तक अपने विभागाध्यक्ष या डीन को इसकी लिखित जानकारी देनी होगी। साथ ही यह शपथपत्र भी देना होगा कि भविष्य में उनसे ऐसी गलती नहीं होगी। देर रात वीसी लाज पर हुई हाई पावर कमेटी की बैठक में महिला महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. संध्या सिंह कौशिक, छात्र अधिष्ठाता प्रो. एमके सिंह, चीफ प्राक्टर प्रो. सत्येंद्र सिंह, रजिस्ट्रार केपी उपाध्याय, परीक्षा नियंता आदि मौजूद थे।