फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'मैं थानेदार होती तो किसी बच्ची पर सरेराह हुई हमले की घटना को गंभीरता से लेती', एक दिन की थानाध्यक्ष छात्रा इस हमले से सहमी

Sun, 17 Jan 2021 05:48 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
जीविका सिंह। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

मैं थानेदार होती तो दिनदहाड़े सरेराह एक बच्ची पर हुए हमले की घटना को गंभीरता से लेकर जल्द से जल्द आरोपी को पकड़ती। यह बातें बीते साल नवंबर महीने में मंडुवाडीह थाने की एक दिन के लिए थानेदार बनाई गई मड़ौली की जीविका सिंह ने शनिवार को कहीं। शुक्रवार को मंडुवाडीह थाने से 500 मीटर की दूरी पर सरेराह हुए हमले से जीविका सहमी हुई है और परिजन उसकी हौसलाअफजाई में लगे हुए हैं। वहीं परिजनों ने कहा कि उनकी किसी से कोई रंजिश नहीं है। समझ में नहीं आ रहा है कि उनकी बेटी के साथ ऐसा क्यों हुआ...?

विज्ञापन


मड़ौली निवासी राजेंद्र पटेल की बेटी जीविका मंडुवाडीह थाने के सामने स्थित स्कूल की कक्षा 10 की छात्रा है। जीविका के अनुसार शुक्रवार की दोपहर वह स्कूल से घर जा रही थी। मंडुवाडीह थाने से लगभग 500 मीटर दूर जाने पर घूंघट निकाले हुए एक महिला उसे रोकी। इसके बाद महिला उसे कुछ सुंघाने लगी तो वह विरोध की।

इसी बीच महिला उसके हाथ पर नुकीले औजार से वार कर सफेद रंग की कार में बैठकर तेजी से मंडुवाडीह थाने की ओर निकल गई। जीविका के पिता राजेंद्र ने बताया कि बेटी इतनी डरी हुई है कि शनिवार को स्कूल नहीं गई और रो रही है। पुलिस को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए। दिनदहाड़े सरेराह एक बच्ची को कुछ सुंघाकर अपहरण की मंशा थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

पुलिस को घटनास्थल के आसपास लगे सीसी कैमरों की फुटेज को चेक कर कार सवार लोगों को चिह्नित कर पकड़ना चाहिए। साथ ही उनसे पूछताछ कर स्पष्ट करना चाहिए कि आखिरकार उनका क्या इरादा था। उधर, इस संबंध में एसपी सिटी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि मंडुवाडीह थाने की पुलिस को छात्रा द्वारा बताई गई घटना के अनुसार प्रभावी कार्रवाई के लिए कहा गया है। पूरी उम्मीद है कि जल्द ही सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें