जल्द ही गृहकर की जांच के लिए एक फ्लाइंग स्क्वायड बनाया जाएगा। यह व्यावसायिक कांप्लेक्स, होटल, अस्पतालों और अन्य बड़े भवनों के गृहकर का मूल्यांकन करेगा। यदि गृहकर कम पाया गया तो संबंधित क्षेत्र के कर अधीक्षक और भवन स्वामी दोनों पर एफआईआर कराई जाएगी। यह जानकारी नगर आयुुक्त शिपू गिरि ने सोमवार को दी।
गृहकर वसूली को लेकर नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा की। इसमें नगर आयुक्त ने बताया कि अमूमन यह शिकायत मिलती है कि बगल वाले भवन का गृहकर कम है और उनके भवन का गृहकर अधिक है। अक्सर कर अधीक्षक को मिलाकर बड़े भवन स्वामी अपने गृहकर का मूल्यांकन कम करा लेते हैं। इसका असर नगर निगम राजस्व पर पड़ता है। साथ ही गृहकर जमा करने वालों को हर प्रकार की सुविधा मुहैया कराने को कहा गया।