फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीमांकन पूरा 762 अवैध निर्माण चिह्नित

Fri, 06 May 2016 02:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
वरुणा किनारे कोनिया क्षेत्र में पैमाइश करती टीम।
विज्ञापन
वरुणा किनारे अब तक महज छह अवैध निर्माणों को नोटिस जारी कर अपनी कार्रवाई को पुख्ता बताने की वीडीए की पुरजोर कोशिशों के बीच नए सिरे से कराए गए सीमांकन ने अंधाधुंध अवैध निर्माणों के सच से परदा उठा दिया है। हफ्ते भर की मशक्कत के बाद गुरुवार को पैमाइश आैर सीमांकन का काम पूरा कर लिया गया। नदी के दोनों किनारों पर 50 मीटर के डूब क्षेत्र में कुल 762 अवैध निर्माण चिह्नित किए गए हैं। प्रशासन की ओर से गठित टीम ने डीएम बंगले से आदिकेशव घाट तक 10.3 किलोमीटर लंबाई में नदी के दोनों किनारों पर नए सिरे से सीमांकन के बाद पिलर भी लगा दिया है।
विज्ञापन



कुछ दिन पहले तक वीडीए अवैध निर्माणों पर कभी आधा मीटर तो कभी एक मीटर आगे-पीछे निशान लगाकर और इक्का-दुक्का भवनों की बारजा-सीढ़ियां तुड़वाने तक ही सिमटा हुआ था। उधर, नए सिरे से अवैध निर्माणों पर निशान लगने के साथ ही तटवासियों में जहां खलबली मची है, वहीं होटलों और धन्नासेठों के निर्माण को वैध ठहराने वाले वीडीए के खिलाफ आक्रोश भी है। डूब क्षेत्र में धड़ल्ले से कराए गए अवैध निर्माणों और नदी के प्राकृतिक स्वरूप से छेड़छाड़ का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने राजस्व विभाग, सिंचाई, वीडीए और नगर निगम की संयुक्त टीम बनाई थी। उधर, डूब क्षेत्र में चिह्नित अवैध निर्माण तोड़े जाने के भय से ग्रस्त से तटवासियों का कहना है कि जब पचास मीटर का दायरा डूब क्षेत्र है, तो वहां किसी निर्माण को वैध और किसी को अवैध कैसे ठहराया जा सकता है। वीडीए ने आखिर नक्शा कैसे पास कर दिया। दो तरह के नियम नहीं चलेंगे। कार्रवाई हुई तो एक छोर से दूसरे छोर तक सबका टूटना चाहिए। यदि कार्रवाई में भेदभाव हुआ तो वे वीडीए के खिलाफ कोर्ट जाएंगे।


वरुणा में गिरने वाले सीवर-नालों को रोकने के लिए कार्ययोजना बनाने के कमिश्नर के निर्देश के मद्देनजर गुरुवार को सिंचाई विभाग और जल निगम के अधिकारियों की बैठक में कई बिंदुओं पर मंथन हुआ। सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता राजेंद्र सिंह ने बताया कि सभी पहलुओं पर विचार-विमर्श और अध्ययन किया जा रहा है। रविवार तक कार्ययोजना का अंतिम प्रारूप तैयार करा लिया जाएगा।
विज्ञापन



वहीं, गुरुवार शाम 7:10 बजे वीडीए सचिव एमपी सिंह के मोबाइल नंबर 9628372903 पर कॉल की गई लेकिन उन्होंने रिसीव नहीं किया। विभागीय सूत्रों की मानें तो अवैध निर्माणों के मसले पर घिरने के बाद वीडीए के अधिकारी चुनिंदा लोगों के ही फोन रिसीव कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें