दुग्ध विकास, मत्स्य एवं पशुधन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. रजनीश दुबे ने सर्किट हाउस में शुक्रवार को मंडलीय समीक्षा बैठक की। इसमें वाराणसी मंडल के चंदौली, जौनपुर एवं गाजीपुर के मुख्य विकास अधिकारी एवं अन्य अधिकारी वर्चुअल जुड़े। उन्होंने बैठक में अनुपस्थित वाराणसी के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (सीवीओ) के विरुद्ध कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखने और मत्स्य विभाग के तीन अधिकारियों का वेतन रोकने को कहा।
अपर मुख्य सचिव ने सभी जिलों में कैटल कैचर की उपलब्धता और संचालन की जानकारी ली। कहा कि इसके संचालन की निगरानी तथा पशुओं के लिए गो आश्रय केंद्र का चयन करने के लिए अधिकारी नामित करें। साथ ही पशुपालन विभाग का हेल्पलाइन नंबर सार्वजनिक करें। गाजीपुर और चंदौली के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारियों को पशु तस्करी प्रतिबंधित करने को कहा। गो आश्रय स्थलों में चारा, छाया, गोबर से बर्मी कंपोस्ट बनाने और हरी घास की उपलब्धता पर विशेष जोर दिया।
गोबर से पेंट बनाने के लिए बदायूं मॉडल अपनाने को कहा। पशु चिकित्सकों के ब्लॉक मुख्यालयों पर रात्रि विश्राम न करने पर उनका वेतन रोकने को कहा। कृत्रिम गर्भाधान के सफलता पर उन्होंने विशेष जोर दिया। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की समीक्षा के दौरान वाराणसी व गाजीपुर की प्रगति बढ़ाने को कहा। मछुआ केसीसी की प्रगति कम मिलने पर अधिकारियों का वेतन रोकने को कहा। जिन बैंकों में क्रेडिट कार्ड के आवेदन लंबित हैं, उनकी समीक्षा कर तेजी लाएं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में पशुपालन विभाग से मिले प्रस्तावों पर काम करने को कहा। बैठक में जिलाधिकारी एस. राजलिंगम, मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।