अंशु पति के फोन का इंतजार करती रह गई। इसके बाद रात आठ बजे के करीब उनके शहीद होने का समाचार मिला तो अंशु को अपने कानों पर यकीन नहीं हुआ। वह कह रही थी, नहीं उन्होंने मुझसे वादा किया है कि वह कैंप में पहुंच कर फोन करेंगे। वह वादे के पक्के हैं, उनका फोन जरूर आएगा।
अंशु को अब भी फोन आने का इंतजार है। उधर, परिजन और ग्रामीण शहीद अश्वनी कुमार यादव के शव आने का इंतजार कर रहे हैं। पूरा गांव शोक में डूबा हुआ है।