अंकित के अनुसार जब वह कमरे में गया तो मां का रक्तरंजित शव देख चीखने-चिल्लाने लगा। इस बीच तुरंत वह उन दोनों महिलाओं का पीछा किया लेकिन दोनों नहीं मिली। वहीं, पिता भी कमरे में नहीं थे। घटना की सूचना पाकर गुंजा के मायके से भी लोग पहुंच गए। वहीं, उस समय गुंजा की अर्थी लेकर जा रहे ससुराल वालों को रुकवाया।
मायके वालों ने गुंजा का चेहरा देखा तो कई जगहों पर चोट के निशान थे। मुंह नाक और कान से खून निकलता देख पुलिस को सूचना दी। मौके पर इंस्पेक्टर अश्वनी चतुर्वेदी ने शव को कब्जे में लिया। हत्या की सूचना पर एसपी ग्रामीण सूर्यकांत त्रिपाठी और सीओ बड़ागांव भी पहुंचे और परिजनों से पूछताछ की। बेटे अंकित का आरोप है कि गांव की दो महिलाओं ने उसके पिता को प्रेम जाल में फंसाया। पिता के बैंक खाते से कई बार में ट्रांजेक्शन भी अपने खाते में कराया।