पुलिस आयुक्त ने जोर देकर कहा कि पाक्सो और अपहरण मामलों में कत्तई लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। पॉक्सो, अपहरण में गिरफ्तारी और किशोरियों की बरामदगी प्राथमिकता के आधार हो। चौकी पर एक दरोगा जरूर रहे। चौकियों पर अपनी समस्याओं को लेकर आने वाले आगंतुकों के साथ विनम्र व्यवहार किया जाए और उनकी समस्याओं का निस्तारण हो। पुलिस आयुक्त ने काम के प्रति सजग चौकी प्रभारियों को पुरस्कृत करने व लापरवाही बरतने वाले चौकी प्रभारियों के खिलाफ कार्रवाई को डीसीपी काशी और वरुणा को निर्देशित किया।
घाट किनारे रखें निगरानी
पुलिस आयुक्त ने सावन माह को देखते हुए गंगा घाटों पर उमड़ने वाली भीड़ को लेकर घाट किनारे चौकी प्रभारियों को निर्देशित किया कि घाट पर निगरानी रखे। नौकायन पर निर्धारित मानक से अधिक संख्या में व्यक्तियों को न बैठाया जाए। इसकी बराबर निगरानी करते रहे। बैठक में अपर पुलिस आयुक्त अपराध व मुख्यालय संतोष कुमार सिंह, डीसीपी काशी आरएस गौतम, डीसीपी वरुणा आरती सिंह आदि मौजूद रहीं।
नरिया प्राथमिक विद्यालय के पास मकान में मां सुनीता और बेटी दीपिका की सिर कूंचकर हुई हत्या की गुत्थी उलझ गई है। पुलिस टीम के हाथ कोई ऐसा साक्ष्य नहीं मिल पा रहा है, जिससे कातिलों तक पहुंचा जा सके। मंगलवार को एसीपी भेलूपुर प्रवीण कुमार सिंह, क्राइम ब्रांच की टीम ने दोबारा घटनास्थल का मुआयना किया।
घर के अंदर और बाहर सहित चारों तरफ घूमकर एक-एक बिंदुओं की पड़ताल की गई। घटना स्थल के समीप लगे तीन सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई, जिससे कोई सुराग हाथ नहीं लगा। घटना स्थल के पिछले दरवाजे पर पीछे वाले हिस्से में बस्तियों के बीच लगे सीसीटीवी कैमरा नहीं होने के कारण पुलिस की परेशानी बढ़ गई है। मृतक के बड़े बेटा अधिवक्ता अखिलेश पांडेय से पुलिस ने संपर्क किया। बेटा आने के लिए तैयार है, हालांकि उसे भय है कि पुलिस उसे ही न बैठा ले।
घटनास्थल को सील करते हुए 24 घंटे की निगरानी के लिए दो सिपाहियों का ड्यूटी लगाई गई है। वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश के बिना किसी को भी घर में प्रवेश की अनुमति नहीं है। चितईपुर थाने पर दस से अधिक लोगों से वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में पूछताछ की गई। लेकिन घटना से कोई भी तार नहीं जुड़ पा रहा। पुलिस हिरासत में लिए गए छोटे बेटे अंजनी से भी पूछताछ में कोई कड़ी नहीं जुड़ी।