अंबेडकर नगर जिले के सगरा नेवादा का रहने वाला संतोष अपनी दूसरी पत्नी चैनपुर नेवादा की आरती के साथ गुरवट गांव में नीरज सिंह के मकान में किराये पर रहता था। संतोष लालपुर क्षेत्र स्थित एक टेंट हाउस में काम करता था। उसके पहले राजापुर में उसकी चाय-पकौड़ी की दुकान थी।
लगभग दो माह पहले संतोष के पिता की तबीयत खराब हुई थी तो वह अपनी पत्नी के साथ गांव चला गया था। सोमवार को संतोष, पत्नी आरती और ससुर बाबूलाल के साथ गुरवट आया था। रात में पति-पत्नी एक कमरे में और बाबूलाल बगल के कमरे में सोये थे।
बाबूलाल ने बताया कि मंगलवार की भोर उन्हें मकान से जलने की दुर्गंध आई तो वह आरती के कमरे में गए और वहां का नजारा देख कर सन्न रह गए। कमरे में आरती का लहूलुहान शव उसके बिस्तर पर पड़ा था और एक खाली गैस सिलिंडर के साथ अन्य सामान जला हुआ था।
कमरे में ही खून लगा एक फावड़ा भी पड़ा था और आरती के गले में बाएं तरफ वार किया गया था। इसके साथ ही घर से संतोष लापता था। बाबूलाल शोर मचाते हुए घर से बाहर निकले तो ग्रामीण आए और संतोष की खोजबीन शुरू हुई।
थोड़ी देर बाद पता लगा कि संतोष का शव लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर सुलेमापुर गांव में सिवान में पिच रोड पर पड़ा हुआ था। इसके बाद सूचना पुलिस को दी गई।
बाबूलाल ने बताया कि संतोष लगभग दो दशक से ज्यादा समय से बनारस में ही अलग-अलग इलाकों में रह रहा था। पहली पत्नी की मौत के बाद उसने लगभग 18 वर्ष पहले आरती से प्रेम विवाह किया था। संतोष की पहली पत्नी के तीन बच्चे हैं और वह दादा-दादी के पास अपने गांव में रहते हैं। पुलिस ने घटना के संबंध में संतोष के परिजनों को सूचना दी, लेकिन रात तक कोई चोलापुर थाने नहीं पहुंचा। वहीं, ग्रामीणों का कहना था कि बगल के कमरे में सोये हुए बाबूलाल को घटना की भनक तक नहीं लगी, ऐसा भला कैसे संभव हो सकता है।
वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों ने आरती के कमरे में आग लगा दी थी। इसके बाद संतोष के गले में उसके लोअर का नाड़ा कस कर छोड़ दिया। ताकि ऐसा प्रतीत हो कि संतोष ने पत्नी की हत्या करने के बाद आत्महत्या कर ली है। मगर, जहां संतोष का शव मिला उसके आसपास न कोई ऐसा पेड़ था या न ऐसी जगह थी जहां वह फंदा लगा सके। इसके अलावा संतोष की दोनों कोहनी और दोनों घुटनों पर मिट्टी लगी हुई थी। इससे प्रतीत हुआ कि गला दबाने के दौरान संतोष ने बदमाशों से संघर्ष किया था। वहीं, पुलिस का मानना है कि किसी अन्य जगह संतोष की गला दबा कर हत्या करने के बाद शव को सुलेमापुर गांव में सड़क पर फेंका गया है।