चंदौली जिले के अलीनगर थानांतर्गत बरहुली गांव में पति-पत्नी की मौत चर्चा का विषय बनी हुई है। अग्नि को साक्षी मानकर जीवनभर जीने मरने की शपथ लेने वाले पति-पत्नी एक ही दिन बुधवार को दुनिया से अलविदा हो गए। दोनों की अर्थी एक ही साथ गांव से उठी और पड़ाव के गंगा किनारे अंतिम संस्कार किया गया। पति-पत्नी की एक साथ अर्थी उठने से परिवार में कोहराम मच गया।
नियामताबाद ब्लाक के बरहुली गांव निवासी सेवानिवृत्त रेलकर्मी पराहु राम (70) की पत्नी सत्ती देवी (65) करीब दो साल से बीमार चल रहीं थी और उनका इलाज चल रहा था। पत्नी की बीमारी से पति पराहू राम भी चिंतित रहते थे। बुधवार की शाम सत्ती देवी का देहांत हो गया। परिवार के लोग दाह संस्कार के लिए देर शाम घर से अर्थी लेकर निकले। लोग गांव से कुछ ही दूर वे पहुंचे थे कि सूचना मिली कि मृतका के पति पराहु राम की भी सदमे से मौत हो गई।
परिजन शव लेकर वापस घर आ गए उसके बाद दोनों की अर्थी देर शाम एक साथ घर से निकली। पति-पत्नी की एक साथ हुई मौत क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही। मृतकों के पुत्र बिजेंद्र, नरेंद्र, सिंधु व आशीष सहित ग्रामीण व परिजन शवों को लेकर पड़ाव स्थित अवधूत भगवान राम घाट पहुंचे। जहां ज्येष्ठ पुत्र बिजेंद्र ने अपने माता-पिता को मुखाग्नि दी। एक साथ माता-पिता के निधन से उनके बेटों में शोक की लहर दौड़ गई।