शहर में मांसाहारी व्यंजनों की सबसे अधिक दुकानें कैंट रेलवे स्टेशन के सामने विजयानगर मार्केट, परेड कोठी और इंग्लिशिया लाइन में लगती हैं। नाइट बाजार में भी इन दुकानों की संख्या सबसे अधिक है। इसके अलावा भेलूपुर के विजया चौराहे के पास रविंद्रपुरी मार्ग पर मांसाहारी व्यंजनों की दुकानें लगती हैं। लंका चौराहे के पास भी मांसाहारी दुकानों की संख्या इन दो वर्षों में दोगुनी हो गई है।
रिंगरोड पर धर्मस्थलों की अनदेखी
हरहुआ-गाजीपुर रिंग रोड पर धर्मस्थलों की अनदेखी करते हुए रेस्टोरेंट, ढाबा और मांसाहारी व्यंजनों की दुकानें संचालित हो रही हैं। धर्मस्थलों के पास मांस और मदिरा का सेवन किया जा रहा है। विरोध के बावजूद कहीं कोई सुनवाई नहीं है।
मंदिर और स्कूल के पास शराब की दुकानों को लेकर शिकायत नहीं मिली है। हम अपनी ओर से जांच भी करा रहे हैं। मानक के खिलाफ दुकान मिलने पर उनका आवंटन रद्द किया जाएगा। - ओमवीर सिंह, जिला आबकारी अधिकारी
केस-1
चौकाघाट स्थित राम जानकी साढ़ा मंदिर के ठीक सामने देशी शराब और बीयर की अलग-अलग दुकानें हैं। मंदिर से चंद कदमों की दूरी पर ही भांग की दुकान चल रही है। इसी मंदिर के पास ही मीट-मछली की खुलेआम बिक्री की जा रही है।
केस-2
मंडुवाडीह-लहरतारा रोड पर स्थित डिवाइन सैनिक स्कूल के ठीक सामने देशी का शराब का ठेका है। यहां से छूटने वाले छात्र-छात्राएं स्कूल से निकलने के बाद इसी के सामने से गुजरते हैं। कई बार शराबियों की हरकत से विवाद की स्थिति भी बनी रहती है।