इसके बाद स्थानीय जनप्रतिनिधि, पुलिस और नगरपालिका कर्मी उसके आवास पर पहुंचे। सभासदों ने कंधा देने से लेकर अंतिम संस्कार तक परिजनों का साथ दिया। हालांकि कुछ दूरी कंधा देने के बाद नगर पालिका प्रशासन के कर्मचारी ट्राली पर शव को रखकर शमशान घाट तक ले गए। जबकि कंधा देने वालों ने ट्राली पर शव ले जाने पर आपत्ति जताई।
पालिका प्रशासन की ओर से शव को ले जाने के लिए गाड़ी की व्यवस्था नहीं किए जाने की चर्चा होती रही। रामनगर श्मशान घाट पर छोटे भाई विशाल ने बड़े भाई को मुखाग्नि दी। इस दौरान अशोक साहनी, सभासद संतोष गुप्त, संतोष शर्मा, राजेन्द्र गुप्ता, संजय यादव, मनोज समेत कई लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए। शवों के अंत्येष्टि कर्म के लिए गठित समिति के सदस्य संजय पाल भी मौके पर पर पहुंचे। प्रशांत के अंतिम संस्कार की रस्में स्थानीय श्मशान घाट पर पूरी की गईं।