वाराणसी। अश्विन नाट्य महोत्सव का आगाज रविवार को नागरी नाटक मंडली न्यास के प्रेक्षागृह में आदिम अनंत कथा नाटक के प्रभावी मंचन से हुआ। कलाकारों ने नाटक के माध्यम से मानवीय संवेदनाओं, जीवन के विभिन्न पक्षों और आंतरिक संघर्षों को दर्शाया।
तीन दिवसीय महोत्सव का उद्घाटन न्यास के अध्यक्ष डॉ. संजय मेहता, सचिव डॉ. अजीत सैगल, भाजपा काशी क्षेत्र के उपाध्यक्ष अनिल कुमार श्रीवास्तव तथा संस्कार भारती के संगठन मंत्री दीपक शर्मा और रंगकर्मियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। डॉ. अजीत सैगल ने कहा कि रंगमंच केवल मनोरंजन का नहीं, बल्कि समाज, संस्कृति और मानवीय संवेदनाओं को अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम है। ऐसे आयोजन काशी की रंगपरंपरा को आगे बढ़ाने के साथ नई पीढ़ी को भारतीय कला एवं संस्कृति से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बाद अर्पित शिधोरे द्वारा निर्देशित ‘आदिम अनंत कथा’ नाटक का प्रभावशाली मंचन हुआ। कलाकारों के सशक्त अभिनय, निर्देशन और मंचीय अभिव्यक्ति ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। दर्शकों ने उनके सशक्त अभिनय को सराहा। सोमवार को चंडालिका नाटक का मंचन होगा। संचालन आशुतोष चतुर्वेदी ने किया।