योगी सरकार जनता की शिकायतों को लेकर भले गंभीर हो लेकिन उसके अफसर इससे इत्तेफाक नहीं रखते। मंगलवार को तहसील दिवस में इसकी बानगी देखने को मिली। सदर तहसील में जिलाधिकारी तो पहुंचे थे, लेकिन उनके कई मातहत नदारद थे। इस मनमानी से नाराज डीएम ने गैरहाजिर पांच अधिकारियों का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश देते हुए जवाब तलब किया है।
जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने सदर और पिंडरा तहसील में जनता की शिकायतें सुनीं। इस दौरान सदर तहसील में आयोजित तहसील दिवस में न पहुंचने पर उन्होंने उप निदेशक कृषि, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला समाज कल्याण अधिकारी, अधिशासी अभियंता सिंचाई और क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया। साथ ही जवाब तलब करते हुए इन अधिकारियों को भविष्य में हर हाल में तहसील दिवस पर मौजूद रहने का निर्देश दिया है।
तहसील सदर में 76, पिंडरा में 204 और राजातालाब में 127 सहित कुल 407 प्राप्त शिकायती पत्र आए। इनमें से सदर पर एक, पिंडरा में एक और राजातालाब में शिकायतों का निस्तारण मौके पर किया गया। डीएम ने शेष प्रार्थना पत्र विभागीय अधिकारियों को उपलब्ध कराते हुए एक हफ्ते में निस्तारित करने का निर्देश दिया।