वाराणसी। स्वास्थ्य मंत्रालय और आईएमएस बीएचयू के तत्वावधान में आयोजित छह दिवसीय आपदा प्रबंधन कार्यशाला का समापन हुआ। इसमें देश के कई राज्यों से आए अस्पताल के अधीक्षकों को आपदा में आने वाली चुनौतियों से निपटने के प्रबंधन के बारे में बताया। बीएचयू ट्रॉमा सेंटर परिसर के स्किल सेंटर में हुई कार्यशाला में गुजरात, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, हरियाणा एवं दमन व दीव के वरिष्ठ अधिकारियों (डिप्टी डायरेक्टर, मेडिकल सुपरिनटेन्डेन्ट, डिप्टी मेडिकल सुपरिनटेन्डेन्ट) समेत 37 प्रतिनिधियों शामिल रहे। छह दिन के प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने यह बताया कि आपदा से पूर्व अस्पतालों में कैसे बेहतर तैयारी करें। साथ ही गंभीर मरीजों का इमरजेंसी उपचार करने, अस्पताल में भूकंप आने या आग लगने की स्थिति में गंभीर मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाल कर आग को कैसे काबू करें। सभी प्रतिभागियों को चौकाघाट का एनडीआरएफ सेंटर दिखाया गया। इस दौरान एनडीआरएफ के डीआईजी मनोज कुमार शर्मा, डॉ. नवीन शर्मा, डॉ. विवेक और डॉ. संतोष के नेतृत्व में मॉकड्रिल हुई। ट्रॉमा सेंटर के इंचार्ज प्रो. सौरभ सिंह, डिप्टी एमएस प्रो.राजेश मीणा, प्रशिक्षण कार्यक्रम की नोडल अधिकारी डॉ. कविता मीणा,डॉ. अखिलेश, डॉ. विनय कुमार पाठक, डॉ. अवनिजा आदि मौजूद रहे। ब्यूरो