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Varanasi News: घोड़े-ऊंट वालों पर लगाम नहीं, दो घंटे सीमा विवाद में उलझी रही दो जिले की पुलिस

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रामनगर पुलिस और जल पुलिस के लचर पर्यवेक्षण के चलते पर्यटकों में असुरक्षा
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माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। गंगा पार रेती पर पर्यटकों से घोड़े और ऊंट वाले अवैध वसूली और दुर्व्यवहार कर रहे हैं। चंदौली और कमिश्नरेट पुलिस का सीमा क्षेत्र होने के कारण इन पर कभी लगाम नहीं लग सकी है। यही वजह रही कि नाविकों की पिटाई के मामले में 2 घंटे तक रामनगर और मुगलसराय कोतवाली की जलीलपुर चौकी पुलिस उलझी रही। जलालीपुर पुलिस चौकी ने प्राथमिकी दर्ज की और घायल चार नाविकों का मुगलसराय थाना क्षेत्र में मेडिकल कराया।
जल पुलिस और रामनगर पुलिस की लचर पर्यवेक्षण के कारण बिना आधार सत्यापन के रेती पर घोड़े-ऊंट की सवारी कराने वाले सक्रिय हैं। आपराधिक प्रवृत्ति और हिस्ट्रीशीटर आठ से दस घोड़े रखकर पर्यटकों को सवारी कराते हैं। न फिक्स रेट है और न ही पर्यटकों को सवारी से पहले सही जानकारी दी जाती है। एक राउंड का 400 रुपये बताकर चार से आठ हजार रुपये वसूले जाते हैं। पहले जल पुलिस इन घोड़े-ऊंट वालों का सत्यापन करती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है।
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महिला पर्यटक से वसूला गया था 15 हजार
जनवरी में दक्षिण भारत की महिला पर्यटक काशी भ्रमण पर आई। गंगा उस पार रेती पर गई और ऊंट की सवारी के 200 रुपये बताकर महिला से 15 हजार रुपये वसूले गए। महिला पर्यटक से दुर्व्यवहार भी किया गया। पर्यटक ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर किया था। इस केस में भी पुलिस ने किसी भी ऊंट वाले पर कार्रवाई नहीं की। ऐसे में मनबढ़ों की ओर से अवैध वसूली और दुर्व्यवहार किया जा रहा है।
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गंगा घाट उस पार रेती पर पुलिस चौकी बननी चाहिए। तीन बार नाविक समाज मांग कर चुका है। रेती पर पर्यटक असुरक्षित हैं। कटेसर, डोमरी समेत अन्य क्षेत्रों से घोड़ा-ऊंट लेकर आने वाले मनबढ़ युवक पर्यटकों से दुर्व्यवहार करते हैं और गलत पैसे वसूलते हैं। नाविकों के विरोध करने पर मारपीट करते हैं। - शंभू साहनी, संगठन मंत्री, मां गंगा निषाद राज सेवा न्यास
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