गार्बेज प्वाइंट बने शहर के खाली प्लाॅट मालिकों की कुंडली नगर निगम तैयार कर रहा है। इन प्लाॅटों के मालिकों पर न केवल एफआईआर होगी बल्कि कूड़ा उठाने का खर्च भी वसूला जाएगा। इन प्लाॅट मालिकों का डाटा तैयार करके वीडीए में भेजा जाएगा ताकि भविष्य में निर्माण का नक्शा पास न हो सके। यह सब अगले साल होने वाले स्वच्छ सर्वेक्षण की रैकिंग को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।
इस बार नगर निगम की रैंकिंग 41 रही। इसके बाद से नगर निगम ने बेहतर रैंकिंग की कवायद शुरू की है। स्वच्छ सर्वेक्षण कुल 9500 नंबरों का था। इसमें वाराणसी को 7107.10 नंबर मिले हैं। सर्विस लेवल प्रोग्रेस (एसएलपी) और सिटीजन वॉयस में नगर निगम को बेहतर अंक मिले हैं। जबकि गार्बेज फ्री सिटी (जीएफसी) और ओपेन डिफेक्शन फ्री (ओडीएफ) मामले में फिसड्डी रहा। इसमें मात्र 58 प्रतिशत ही नंबर प्राप्त हुए हैं। इन सबके पीछे सबसे बड़ा कारण गार्बेज प्वाइंट हैं। ये शहर के वे प्वाइंट हैं, जहां लोग आसानी से कूड़ा डंप कर रहे हैं।
इसपर रहेगा नगर निगम का फोकस
गीला और सूखा कूड़ा अलग करना
जलभराव से निबटने की बेहतर व्यवस्था
घर-घर से कूड़ा उठान 100 प्रतिशत करना
सीवर निकलने की क्षमता के अनुसार एसटीपी निर्माण
सफाई का ठेका लेने वालों ने माॅनीटरिंग
ठोस कूड़े का बेहतर ढंग से निपटान करने पर जोर
नाले नालियोंं की सफाई नियमित पर विशेष ध्यान
सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालयों की सफाई नियमित
खाली प्लाॅट मालिकों की कुंडली तैयार की जा रही है। इन पर एफआईआर के साथ कूड़ा उठाने का खर्च वसूलेंगे और भविष्य में इस पर नक्शा भी पास नहीं होगा। - डॉ. एनपी सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी