इस क्रम में अपर महानिरीक्षक कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं वीके जैन ने सितंबर के प्रथम सप्ताह में प्रदेश के सभी जेल अधीक्षकों को पत्र लिख कर स्पष्ट तौर पर मना किया है। उन्होंने किसी तरह का पत्राचार नहीं करने एवं संवाद सीधे स्थापित किए जाने से मना कर दिया है। जौनपुर, वाराणसी, सहित पूर्वांचल की जेलों में कई ऐसे बंदी बंद है।
प्रभारी उप महानिरीक्षक कारागार वाराणसी परिक्षेत्र अंबरीश गौंड़ ने बताया कि गृह मंत्रालय के निर्देश के क्रम में सभी जेल अधीक्षकों को पत्राचार एवं सीधे संवाद कराने से मनाही कर दी गई है। गृह मंत्रालय के इजाजत के बगैर कुछ भी नहीं होगा।