फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

घर को बना रहे अस्पताल, बेडरूम आईसीयू में तब्दील

विज्ञापन
विज्ञापन
घर को बना रहे अस्पताल, बेडरूम आईसीयू में तब्दील
विज्ञापन

खास खबर
कोरोना के डर से आक्सीजन सिलेंडर और दवाओं को स्टोर करने में जुटे लोग, ऑक्सीजन कंसेट्रेटर से लेकर अन्य जीवन रक्षक संसाधनों की कर रहे तलाश
केस-1
भोजूबीर की एक कालोनी में रहने वाले एक व्यक्ति ने कोरोना के दौरान प्रयोग होने वाले संसाधन जुटा लिए हैं। अलग-अलग जगहों से पांच सिलेंडर खरीद कर उसमें ऑक्सीजन भरा लिया है। इसके अलावा बीमारी के दौरान उपयोग होने वाली दवाओं का भी संग्रह कर लिया है। उनका कहना है कि आपात स्थिति के लिए तैयारी की है। परिवार के व्यक्ति या उन्हें इस बीमारी के दौरान संसाधनों से नहीं जूझना पड़े, इसलिए सभी व्यवस्था पूरी कर ली है।
केस-2
लंका निवासी एक व्यक्ति ने ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ ही ऑक्सीजन कंसेट्रेटर भी ऑनलाइन मंगा लिया है। इसके अलावा सिलेंडर की तलाश जारी है। कोरोना के गंभीर रोगियों के इलाज में उपयोग होने वाली दवा भी मंगा रहे हैं। बाजार से गायब फेमीफ्लू टेबलेट भी स्टोर किया है। उनका कहना है कि जिस तरह का माहौल है अगर परिवार में किसी को कोरोना हुआ तो कम से कम बिना ऑक्सीजन हालत न बिगड़ जाए।
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। कोरोना संकट के बीच बेड से लेकर ऑक्सीजन तक की किल्लत के बाद अब शहर में कई लोग अस्पतालों के संसाधन घर में रख रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा स्टारेज ऑक्सीजन सिलेंडर और ऑक्सीजन कंसेट्रेटर किया जा रहा है। कारण, पिछले दिनों ऑक्सीजन की कमी के चलते हुई मौत और इसकी कमी की वजह से लोग सहमे हुए हैं।
दरअसल, मारमारी के कारण शहर में लोगों का अस्पतालों से भरोसा भी कम होता जा रहा है। यही कारण है कि कोरोना संक्रमित होने के बाद लोगों की पहली प्राथमिकता होम आईसोलेशन रहती है। इस महामारी से सहमे लोग अब होम आईसोलेशन की तैयारियों में जुट गए हैं। कारण, उन्हें ऐसा लगता है कि अस्पताल में परिजनों से दूर होने के बाद वहां तरीके से ख्याल नहीं रखा जा रहा है।
विज्ञापन

किसी भी व्यक्ति को घबराने की जरूरत नहीं है। व्यवस्था में सुधार हो रहा है। चिकित्सकीय व्यवस्थाओं का स्टोरेज भी अपराध की श्रेणी में है। कारण स्टारेज को जमाखोरी के तहत कार्रवाई का प्रावधान है। ऐसे में अगर किसी के पास संसाधन है तो उसका उपयोग जरूरतमंदों के लिए कराना चाहिए। बीएचयू में अस्थायी अस्पताल बनने के बाद काफी राहत हो जाएगी।-दीपक अग्रवाल, मंडलायुक्त
-लक्षण आए तो ये जरूर करें
- चिकित्सक से संपर्क करें और उनकी सलाह पर दवाएं लें
- अपने हिसाब से दवा लेने से बचे और किसी तरह की जल्दबाजी नहीं करें
- काढ़ा, गरम पानी से गरारा के साथ दिन में दो बार भाप जरूर लें
- हवादार कमरे में सोएं और पेट के बल पर सोकर आधे घंटे लेटकर धीमी व गहरी सांस लें
एक नजर में
15 अप्रैल से 25 अप्रैल तक का आंकड़ा
कुल संक्रमित 20494
कुल मौत 83
होम आइसोलेशन में स्वस्थ 15278
अस्पताल से छुट्टी 58
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें