Holi: काशी की प्राचीन परंपराओं में इस बार नूतनता का रंग घुलने जा रहा है। होली पर शहर में पहली बार अलग-अलग थीम पर आधारित होलिका दहन की तैयारी की जा रही है। जगह-जगह इन प्रतिमाओं को स्थापित कर होलिका जलाई जाएगी। कहीं एलियंस, राक्षसी, भूत-प्रेत के रूप में होलिका सजाई गई है। विभिन्न इलाकों में पारंपरिक के साथ समकालीन विषयों और कल्पनाओं को भी मूर्त रूप दिया गया है। गांव से लेकर शहर तक एक हजार से अधिक स्थानों पर होलिका जलाई जाएगी।
मूर्तिकार अभिजीत विश्वास ने प्रतिमा के पृष्ठभाग में विभिन्न प्रकार के एलियंस को आकार दिया है। कुछ आकृतियां जानवरों की शक्ल जैसी हैं, तो कुछ के चेहरे इंसानों से मिलते-जुलते बनाए गए हैं, लेकिन शरीर की बनावट बेहद विचित्र है। आयोजकों का कहना है कि यह प्रस्तुति बुराई के बदलते स्वरूप और आधुनिक कल्पनाओं का प्रतीक है।