धर्म शास्त्र अनुसार होलिका दहन के बाद सूर्योदय काल व्यापिनी चैत्र कृष्ण प्रतिपदा में रंगोत्सव मनाया जाना चाहिए। इस वर्ष प्रतिपदा 18 मार्च को दोपहर 12:53 बजे लग रही है जो 19 मार्च को दोपहर तक है। इस तरह चैत्र कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा उदया तिथि में 19 मार्च को ही मिल रही है।
अत: इसी दिन देश भर में होली मनाई जाएगी। हालांकि काशी में चतुषष्ठी यात्रा (चौसठ योगिनी परिक्रमा यात्रा) की परंपरा है। इसमें प्राचीन काल से होलिका दहन की अगली सुबह इस यात्रा का विधान है। अगली सुबह कोई भी तिथि हो, होली मनाई जाती है। इसलिए काशी में 18 मार्च को होली मनाई जाएगी। इससे इतर अन्य स्थानों पर शास्त्रीय विधान के अनुसार 19 मार्च को उदयातिथि में चैत्र कृष्ण प्रतिपदा मिलने पर होली होगी।