अपर निदेशक ने स्पष्ट किया है कि इमरजेंसी वार्डों में जीवन रक्षक दवाओं की कोई कमी नहीं होनी चाहिए। एंबुलेंस सेवाओं, विशेषकर 108 और 102 को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात रहने के लिए कहा गया है ताकि सूचना मिलते ही रिस्पॉन्स टाइम कम से कम हो। अस्पताल परिसरों में बिजली और पानी की निर्बाध आपूर्ति के लिए भी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
अनुपस्थित मिले तो होगी कार्रवाई : चिकित्सकों का कहना है कि लोग प्राकृतिक रंगों का ही प्रयोग करें और आंखों को हानिकारक केमिकल्स से बचाएं। अपर निदेशक ने चेतावनी दी है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई या ड्यूटी के दौरान डॉक्टर अनुपस्थित मिले, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।