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Holi 2026: महादेव की नगरी में रंगों का दरबार, घाट से गलियों तक अबीर में नहाई काशी; हर-हर महादेव के लगाए जयकारे

Fri, 06 Mar 2026 05:15 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: वाराणसी जिले में शहर से लेकर गांव तक होली का त्योहार उल्लास के साथ मनाया गया। मंदिरों में भी अपने आराध्य देव के साथ होली खेलने के लिए भक्त पहुंचे। 
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Holi 2026 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आस्था की नगरी काशी में इस वर्ष होली केवल रंगों का नहीं, बल्कि भक्ति, व्यवस्था और भव्यता का संगम बन गई। बाबा विश्वनाथ के दरबार में उमड़े श्रद्धालुओं ने फूलों और उत्साह के बीच आध्यात्मिक होली का अद्भुत अनुभव किया। वहीं, अन्य मंदिरों में भी अपने आराध्य देव के साथ होली खेलने के लिए भक्त पहुंचे थे। 

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होली पर काशी विश्वनाथ मंदिर का पूरा परिसर भक्तिरस में सराबोर नजर आया। सुबह से ही देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से आए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। मंदिर परिसर में गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा के बीच श्रद्धालु बाबा के जयकारों के साथ झूमते दिखाई दिए। ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों की मधुर ध्वनि से वातावरण शिवमय हो उठा। 

श्रद्धालुओं का कहना था कि बाबा के चरणों में होली खेलने का अवसर उनके जीवन का अविस्मरणीय क्षण है। कई परिवार विशेष रूप से इस दिन के लिए काशी पहुंचे थे। मंदिर प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिससे उत्सव शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सका। 
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काशी में इस बार की होली ने आध्यात्मिक उल्लास की नई छटा बिखेर दी, जहां आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। वहीं, मृत्युंजय महादेव, तिलभांडेश्वर, गौरी केदारेश्वर, बाबा कालभैरव, माता अन्नपूर्णा, विशालाक्षी, दुर्गा मंदिर समेत अन्य मंदिरों में भक्तों ने अबीर-गुलाल चढ़ाकर होली खेली।

रंगोत्सव : बनारसियों संग विदेशी पर्यटकों पर भी चढ़ा काशी की होली का सुरूर
होली पर बुधवार को श्रीकाशी विश्वनाथ धाम से घर की ड्योढ़ी तक रंग, उमंग और उल्लास संग सौहार्द्र, प्रेम और आपसी भाईचारा बांटने में दिन और रात छोटे पड़ गए। गली-मोहल्ले और चट्टी-चौराहों पर बनारसियों संग देसी-विदेश पर्यटकों पर काशी की होली का सुरूर चढ़ा था। कोई भूत-प्रेत बनकर नाचता रहा तो कहीं गीले-सूखे रंगों की बौछार हो रही थी। फाग गीतों में होली के रंग बरस रहे थे। सुबह से ही होलियारों की टोलियां निकलने लगी थीं। 12 बजे तक जमकर होली खेली गई। सड़कों पर हुड़दंग दिखा। महिलाएं और युवतियां भी सार्वजनिक होली का हिस्सा बनीं। 



होलियाना मस्ती में चूर रंगबाजों का झुंड चेतगंज, गौदौलिया और अस्सी घाट पर दिखा। डीजे पर होली गीतों की धुनों पर थिरकते-झूमते नजर आए। अस्सी चौराहे पर अड़ीबाजों की जुटान हुई। यहां कपड़ा फाड़ होली खेली गई। सड़कों पर कोई दूल्हा-दुल्हन तो कोई महिला का रूप धरे था तो कोई मुखौटे पहने हुए था। 

उधर, वरुणा पार इलाके में भी होली का हुड़दंग दिखा। दशाश्वमेध, कमच्छा, महमूरगंज, तेलियाबाग, लहुराबीर, लंका, सिगरा, रथयात्रा, सुंदरपुर आदि इलाकों में होलीबाजों की टोलियां घूमतीं नजर आईं। वहीं, रेल और बस स्टेशनों पर रुके यात्री बिना किसी झिझक के होली खेलने में मगन थे। 

चौरा माता मंदिर में हुआ भव्य शृंगार और महाआरती
ग्राम पंचायत छाहीं स्थित चौरा माता और डीह बाबा मंदिर का ग्रामीणों के सहयोग से भव्य शृंगार किया गया। रात में प्रसिद्ध कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। इस मौके पर पप्पू तिवारी, सर्वेश यादव, दिलीप मौर्या, विश्वनाथ मौजूद रहे। 

गांवों में रही होली की धूम 
मिर्जामुराद के बेनीपुर, नागेपुर, कल्लीपुर, राजपुर, मेहंदीगंज, अमिनी, करधना, खजुरी व मिर्जामुराद आदि दर्जनों गांवों में होली का महापर्व हर्षोल्लास से मनाया गया। गांव के सैकड़ों महिला, पुरुष व बच्चों ने रंगों में सराबोर होकर पर्व का आनंद उठाया।

11 मन गुलाब के फूलों से श्याम प्रभु के संग भक्तों ने खेली होली 

Holi 2026 - फोटो : अमर उजाला
श्रीश्याम मंडल की ओर से लक्सा स्थित श्याम मंदिर में होली पर भक्तों ने प्रभु संग 11 मन गुलाब की पंखुड़ियों से होली खेली। भक्तों ने प्रभु के चरणों में पुष्प चढ़ाकर आशीर्वाद लिया। शाम को कलाकारों ने भजन रंग मत डालै रे सांवरिया म्हारो गुजर मारै रे..., तुम झोली भर लो भक्तों रंग..., गुलाल से होली की ऋतु आई रे... आदि भजनों की प्रस्तुतियां दीं। मंदिर से प्रसाद स्वरूप खजाना एवं बाबा को चढ़े हुए निशान भी भक्तों में वितरण किए गए। प्रभु को ठंडाई का भोग लगा भक्तों में वितरण हुआ।



त्रिदेव मंदिर में सजी फूलों की झांकी
त्रिदेव मंदिर दुर्गाकुंड में तीनों विग्रहों के साथ भी रंग बिरंगी फूलों से झांकी सजाई गई। भक्तों ने तीनों विग्रहों संग गुलाब की पंखुड़ियों से खेली होली। भजन संध्या में कलाकारों ने भजनों की अमृतवर्षा की। तुम झोली भर लो भक्तों रंग और गुलाल से, होली खेलागा आया गिरधर गोपाल से, होली आई रे, झूमकर गांओ भक्तों यह फागण रोज-रोज नहीं आना आदि सुनाए। इस्कॉन मंदिर में भी भक्तों ने कान्हा संग होली खेली। कज्जाकपुरा लाट भैरव स्थित रामबाग में होली गीतों पर खूब जमकर अबीर गुलाल उड़े। लाट भैरव शाखा के स्वयंसेवकों ने ढोलक मंजीरे की थाप पर पारंपरिक होली गीत गाकर रंग जमाया। बनारसी ठंडई व विविध प्रकार के मधुर जलपान का आनंद लेते दिखाई पड़े। भोले बाबा हेराए गईलन... फागुन में गाते ही सभी झूम उठे। 



संघ के होली मिलन समारोह में शामिल होंगे डिप्टी सीएम 
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य शुक्रवार को काशी पहुंचेंगे। यहां वह शाम 4 बजे निवेदिता बालिका इंटर कॉलेज महमूरगंज में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के होली मिलन समारोह में शामिल होंगे। इससे पहले वह दोपहर 3 बजे भाजपा जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा और महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि से मिलेंगे और उनके साथ बैठक करेंगे। शाम पांच बजे वह लखनऊ के लिए रवाना हो जाएंगे। 



चौसठ्ठी देवी के चरणों में चढ़ाया अबीर-गुलाल
काशी की होली परंपरा में शामिल चौसठ्ठी देवी के दर्शन को काशीवासियों ने निर्वहन किया। चौसठ्ठी घाट पर स्थित देवी के मंदिर में सुबह से ही दर्शन का सिलसिला शुरू हो गया। दोपहर बाद माता को अबीर-गुलाल चढ़ाने के लिए भीड़ बढ़ गई। भक्तों ने मां के श्रीचरणों में अबीर-गुलाल चढ़ाकर भय, बाधा से मुक्ति कामना की। दिनभर होली खेलने के बाद शाम को ज्यादा लोग मंदिर माता के दर्शन करने पहुंचे। लोकाचारी मान्यतानुसार चौसठ्ठी देवी के चरणों में गुलाल चढ़ाए बगैर काशी में रंगोत्सव की पूर्णता ही नहीं मानी जाती है। 

देवों की झांकियों संग निकाली होली बरात, थिरके बराती

Holi 2026 - फोटो : अमर उजाला
होली पर शहर में कई स्थानों पर होली बरात निकालने की परंपरा का निर्वाहन हुआ। भगवान शिव के स्वरूपों के साथ होलियारों की टोलियाें ने गाजेबाजे के साथ होली बरात निकाली और अबीर-गुलाल उड़ाए। घोड़े, बग्घी पर देवों के स्वरूप भी थे तो बाबा के भूत प्रेत नजर आए। शिवाला, मछोदरी, मैदागिन, मुकीमगंज, प्रह्लाद घाट, गायघाट, कालभैरव, विश्वेश्वरगंज, ब्रह्मनाल, बजरडीहा, तिलभांडेश्वर, भेजूपुर, खोजवांं, केदारघाट, सोनारपुरा, हरिश्चंद्र, पांडेयपुर, शिवपुर, लंका, सिगरा, रथयात्रा, लहुराबीर आदि इलाकों में होली बरात निकाली गई। अस्सी और दशाश्वमेध क्षेत्र में होली बरात में विदेशी पर्यटक भी देसी रंग में रंगे दिखे। लोग एक दूसरे पर रंगों की बौछार कर रहे थे। 

अखाड़ों में नागा साधुओं ने अबीर-गुलाल से खेली होली
काशी में मौजूद 13 अखाड़ों में भी होली का उल्लास छाया रहा। नागा साधु-संत अपने अराध्यदेव की पूजा कर एक दूसरे से होली खेली। जूना और आह्वान अखाड़े में नागा साधु-संतों ने अबीर गुलाल के साथ ही गाय के गोबर से भी होली खेली। सभी अखाड़े अपने आराध्य देवों की सुबह पूजा की। इसके बाद एक दूसरे को अबीर-गुलाल लगाए। जूना अखाड़े में भगवान दत्तात्रेय की पूजा हुई। ऐसे ही महानिर्वाणी, अटल, निरंजनी, आनंद, अग्नि आदि अखाड़ों में नागा साधु-संतों ने अपने अंदाज में होली खेली। 

मैंने जब बांस बजाया तो बुरा मान गए...
राग कश्मीरी बांसुरी से वो बजाते थे, मैंने जब बांस बजाया तो बुरा मान गए..., होली आती है हर एक दिन को मिलाने के लिए..., हंसकर गले से दुश्मन को लगाएंगे... जैसी काव्य रचनाएं सुन लोग खूब लोट-पोट हुए। मौका था बृहस्पतिवार को विश्वेश्वरगंज स्थित भयंकर दंत निपोर कवि सम्मेलन का। हास्य कवि डॉ. रामअवतार पांडेय के संचालन के नेतृत्व  में कवियों ने हास्य व्यंग्य से खूब हंसाया। निजान बनारसी, सुरेश कुमार अकेला, डंडा बनारसी, बृजेश पांडेय, आशिक बनारसी आदि कवियों ने चुटीली रचनाएं सुनाईं। इस दौरान कलाकारों ने शिवतांडव, मसाने की होली, राधाकृष्ण की झांकी सजाई। महासंघ के अध्यक्ष नामवर राय व संयोजक सुनील पांडेय की काव्य रचनाओं का आनंद उठाने मेयर अशोक कुमार तिवारी, उप सभापति नगर निगम सुरेश चौरसिया, पं. विजय शंकर पांडेय, पं. राजेश पांडेय के अलावा कवियों को सम्मानित किया।
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होली मिलन में ब्रजधाम की सजाई झांकी

Holi 2026 - फोटो : अमर उजाला
होली के बाद बृहस्पतिवार से होली मिलन समारोह का सिलसिला शुरू हो गया। मारवाड़ी समाज और मारवाड़ी महिला संगठन की ओर होली मिलन समारोह लक्सा स्थित मारवाड़ी भवन में हुआ। प्रयागराज से आए कलाकारों ने राधा कृष्ण, माखन चोरी, मटका फोड़ की जीवंत झांकी सजाई। ब्रज की होली के भी दर्शन कराए। संस्था के अध्यक्ष अनूप सराफ, प्रधानमंत्री पवन कुमार अग्रवाल ने कलाकारों को सम्मानित किया। संयोजक यदुदेव अग्रवाल, कमलेश अग्रवाल, रमेश कुमार चौधरी, उमाशंकर अग्रवाल, प्रदीप तुलस्यान, सुरेश तुलस्यान, राम बुबना आदि रहे। उधर, खत्री हितकारिणी सभा की ओर से मलदहिया में होली मिलन समारोह हुआ। मुख्य अतिथि पद्मश्री मंगला कपूर रहीं। गायक गुरदीप सिंह ने होरी गीतों से आनंदित किया। संरक्षक पूर्व एमएलसी अशोक धवन, मुकुंदलाल टंडन, विजय रमन सेठ, ताराचंद मेहरोत्रा, दीपक बहल ने सभी को बधाई दी।  

भैंसासुर घाट पर कवि सम्मेलन में कवियों ने चलाए हास्य व्यंग्य के बाण
नमो गोवर्धन मॉर्निंग वॉक टीम और भारतेंदु अकादमी की ओर से होली पर भैंसासुर घाट पर कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस दौरान कवियों ने होली की मस्ती के साथ हास्य-व्यंग्य की पिचकारी से लोगों को खूब भिगोया। बद्री विशाल ने काशी से होली पर सबको इक प्यारा संदेश दिया। हर देश से ऊपर रखना, अपना प्यारा देश...। फायर बनारसी ने खेत-खलिहानों में मिसाइल अब बनाएंगे, नहरों के किनारे मारुति उगाएंगे...।

शफीक रंगरेज ने हम दुनिया की हर आवाज निकालते हैं..., मयंक बनारसी ने अगर देश में चारा बढ़ेगा तो भैंस भी बढ़ेंगी, पूरे विश्व में अपना नाम रोशन करेंगी..., चिंतित बनारसी ने कश्मीर से मेरे शादी का पैगाम आया है, पाकिस्तान के रास्ते खुलेआम आया है... आदि सुनाया। इससे पहले समिति के संरक्षक आचार्य पं. राजेंद्र द्विवेदी, विवेक सिंह एडवोकेट, आनंद्र राय और दिनेश यादव ने कवियों का सम्मान किया। 

बद्री विशाल, अनिल आवारा जौनपुरी, रमेश पांडेय मिर्जापुरी, दिनेश सिंह गुक्कज प्रतापगढ़ी आदि कवियों को अबीर-गुलाल के साथ हिमरत्न तेल की शीशी और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश सिंह गौतम, मिर्जापुर के जिला पंचायत अध्यक्ष राजू कन्नौजिया, सेंट्रल बार के महामंत्री आशीष सिंह, अभय स्वाभिमानी, पारस यादव पप्पू आदि रहे।  
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