पीढ़ियों से समृद्ध हो रही है हिंदी
विश्व में हिंदी ही ऐसी भाषा है जो दो लिपियों में लिखी जाती है। हिंदी एक ऐसी भाषा है जो सरकारी संरक्षण की मोहताज नहीं है। पीढ़ियों से हिंदी समृद्ध होती चली आ रही है। देश को पहचानना हैं तो हिंदी में बात करें। आजकल लोगों हिंदी को लेकर बहुत हताशा हैं। लोगों के दिमाग से ये हताशा का कीड़ा निकालना बहुत जरूरी है।-रोली सिंह रघुवंशी