नाटक मंचन के दौरान भावपूर्ण मुद्रा में कलाकार।
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काशी विश्वनाथ मंदिर उखाड़ फेंकने से व्यथित हुए गागा भट्ट महाराष्ट्र आकर शिवाजी से मिले और बताया कि मंदिरों की मूर्तियों से मस्जिदों की सीढ़ियां बन रही हैं। आप राजा बनकर समाज को प्रेरणा दें। छत्रपति शिवाजी का एक ही प्रयास था कि समाज का खोया आत्मविश्वास पुनः जागृत हो। शुद्ध मन से किया गया प्रयत्न सफल होता है, यही कारण है कि शिवाजी को पराक्रमी साथी भी मिले।
सिगरा स्थित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर के मंच पर हिंदवी स्वराज को कलाकारों ने जीवंत किया। छत्रपति शिवाजी का जीवन संघर्ष और उनकी परिकल्पनाओं से दर्शक रूबरू हुए। शक्तिशाली मुगल शासन के आगे उपमहाद्वीप के एक से एक राज्य घुटने टेक रहे थे। वहीं, महाराष्ट्र में शिवाजी का उदय भारतीय जनमानस के लिए बड़े संबल के रूप में सामने आया।
मुगलों के खिलाफ खड़े होकर शिवाजी ने डटकर उनका मुकाबला किया। बेटे रायबा की शादी का निमंत्रण देने आए तानाजी ने सिंहगढ़ जीतना जरूरी समझा। युद्धभूमि में जब तानाजी बलिदान हो गए तो शिवाजी के मुंह से निकला- गढ़ तो आया पर सिंह गया। शिवाजी का आगरा से वापस आना किसी चमत्कार से कम नहीं था।