Varanasi News : वाराणसी के मंडुवाडीह में दर्ज एक मामले को लेकर हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी की है। आर्केस्ट्रा में डांस करने वाली युवती से छेड़छाड़ की गई थी। इस मामले के आरोपियों को जेल भेज दिया गया। रिहाई के लिए आरोपी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि आर्केस्ट्रा कलाकारों को भी गरिमामयी जीवन जीने का अधिकार है। गायक हो या डांसर...आयोजकों को उनका सम्मान करना चाहिए। लेकिन, दुर्भाग्य है कि अकसर उनके शारीरिक और मानसिक शोषण की घटनाएं सामने आती हैं। इस टिप्पणी संग न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह की अदालत ने वाराणसी के आर्केस्ट्रा मालिक मनीष कुमार यादव की जमानत खारिज कर दी।
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मामला वाराणसी के मंडुआडीह थाना क्षेत्र का है। आर्केस्ट्रा ग्रुप की महिला नृत्यांगना ने मनीष और उसके दोस्तों के खिलाफ शराब पीकर छेड़छाड़ व दुष्कर्म की धमकी के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया। रिहाई के लिए आरोपी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
दलील दी कि आरोप झूठे हैं। वह आर्केस्ट्रा ऑर्गेनाइजर है। वह पीड़िता को नाचने-गाने के लिए बुलाता है। पीड़िता ने उससे 25 हजार रुपये कर्ज लिया और देने से इन्कार कर दिया। इस वजह से झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है। कोर्ट ने पाया कि पीड़ित ने एफआईआर के कथन की पुष्टि कलमबंद बयान में की है। उसके आरोप में सच्चाई झलकती है।